देहरादून एयरपोर्ट पर बढ़ी यात्रियों की संख्या, अपग्रेड हुआ जौलीग्रांट एयरपोर्ट, 4000 से अधिक यात्री रोजाना कर रहे आवाजाही
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Dehradun Jolly Grant Airport Upgrade in Level Two
देहरादून: देहरादून एयरपोर्ट के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है।
Dehradun Jolly Grant Airport Upgrade
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून एयरपोर्ट) को अपग्रेड कर लेबल 3 से लेबल 2 कर दिया है। यह बदलाव देहरादून एयरपोर्ट पर एक वर्ष के दौरान हवाई यात्रियों की बढ़ी संख्या के आधार पर किया गया है। बता दें कि देहरादून एयरपोर्ट पर वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 तक 15 लाख से अधिक हवाई यात्रियों ने आवाजाही की। इस कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने दून एयरपोर्ट को अपग्रेड कर लेबल दो का दर्जा दिया है। इसके बाद देहरादून एयरपोर्ट देश के कुछ चुनिंदा एयरपोर्ट के ग्रुप में शामिल हो गया है। इससे पहले जौलीग्रांट में हवाई यात्रियों की संख्या 15 लाख से कम थी। बता दें कि एयरपोर्ट पर प्रतिदिन चार हजार से अधिक यात्री देश के विभिन्न शहरों के लिए आवाजाही कर रहे हैं। इससे जौलीग्रांट एयरपोर्ट बनारस, जयपुर, लखनऊ, श्रीनगर आदि के ग्रुप में शामिल हो गया है। अब जब देहरादून एयरपोर्ट अपग्रेड हो रहा है तो देहरादून एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का 90 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट पहले से 10 गुना बड़ा हो जाएगा। और नए टर्मिनल की क्षमता 36.50 लाख यात्री प्रतिवर्ष हो जाएगी। पुराने टर्मिनल की क्षमता कुल पांच से छह लाख यात्री प्रतिवर्ष थी। इसके बाद नए टर्मिनल का निर्माण शुरू किया गया। टर्मिनल में कुल स्थान 42 हजार वर्ग मीटर हो जाएगा।
अब आप में से अधिकांश लोग सोच रहे होंगे कि क्या एयरपोर्ट के भी लेबल होते हैं और अगर होते हैं तो यह कैसे डिसाइड होता है। तो चलिए हम आपके सारे डाउट्स क्लियर करते हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा विभिन्न निर्धारित मानकों के आधार पर एयरपोर्ट को कई कैटेगिरी, लेबल आदि में रखा जाता है। इसमें एक से पंद्रह लाख की क्षमता वाले एयरपोर्ट को लेबल-3 में रखा जाता है। जबकि, 15 लाख से अधिक यात्रियों वाले एयरपोर्ट को लेबल 2 में रखा जाता है। जबकि लेबल एक में दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई आदि बड़े एयरपोर्ट शामिल हैं जहां पर इंटरनेशनल फ्लाइट से लेकर डोमेस्टिक फ्लाइट हर मिनट पर चलती है और यहां पर हर दिन कई लाख लोग ट्रैवल करते हैं।इस वित्तीय वर्ष में जौलीग्रांट एयरपोर्ट ने हवाई यात्रियों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यात्रियों की संख्या ने 15 लाख के आंकड़े को पार कर लिया है। इससे एएआई द्वारा एयरपोर्ट को लेबल दो का दर्जा दिया गया है।