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देहरादून: किसी ने सच ही कहा है उम्र सिर्फ एक नंबर भर है। अगर आप भी किसी के जोश और क्षमताओं को उसकी उम्र से आंकते हैं तो आपको अपनी सोच बदल लेनी चाहिए।
हरियाणा की वेटरन खिलाड़ी रामबाई 105 साल की उम्र में लोगों की सोच बदलने का काम कर रही हैं। हाल में उन्होंने 18वीं युवरानी महेंद्रकुमारी राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और इस दौड़ में रामबाई इतना तेज दौड़ीं कि सबको पीछे छोड़ते हुए चैंपियन बनने में कामयाब रहीं। प्रतियोगिता में देशभर के युवाओं के साथ बुजुर्ग खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। रामबाई भी अपनी तीन पीढ़ियों के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई हुई थीं। रामबाई की बेटी संतरा और पोती शर्मिला सांगवान ने भी पांच किलोमीटर की दौड़ में प्रतिभाग किया। आगे पढ़िए
देहरादून के परेड ग्राउंड में हुई चैंपियनशिप के पहले दिन 100 मीटर रेस से लेकर तीन, पांच किलोमीटर की वॉक और जैवलिन थ्रो की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 100 मीटर दौड़ में रामबाई विजेता रहीं। वो 105 साल की हैं, लेकिन इस उम्र में भी उनका जोश देखते ही बनता है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह इस तरह की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। प्रतियोगिता में जीत के बाद हर ओर रामबाई की ही चर्चा हो रही थी। लोग उन्हें हर किसी के लिए आदर्श बता रहे थे। अन्य प्रतियोगिताओं की बात करें तो तीन किमी दौड़ में 80 वर्षीय एसराम प्रथम, तीन किमी वॉक रेस में 75 वर्षीय जय सिंह मलिक प्रथम और 100 मीटर दौड़ में 85 वर्षीय जय सिंह मलिक ने प्रथम स्थान हासिल किया। चैंपियनशिप में देशभर के 850 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं।