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ऋषिकेश: अंकिता भंडारी की निर्दयता से हत्या कर दी जाती है, आरोपी को पकड़ लिया जाता है, उसपर कार्यवाही भी की जाती है मगर अंकिता को अबतक इंसाफ नहीं मिलता।
यह कैसी कानून व्यवस्था है कि एक गुनहगार, जिसने अपना गुनाह कबूल लिया है, उसको सजा देने में इतना वक्त क्यों? अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए उसके बेसहारा मां बाप कोर्ट कचहरी के धक्के खा रहे हैं। हर पल उसके मां पिता को अपनी मासूम बेटी की याद सताती है। वहीं अब पौड़ी के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले अंकिता की मां ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी आत्मदाह की चेतावनी सरकार को दी है। दरअसल अंकिता के माता-पिता विशेष लोक अभियोजक जीतेंद्र रावत को इस केश की पैरवी से हटाने की मांग बीते लंबे समय से कर रहे हैं। वे जीतेंद्र रावत को इस केस से हटाने के लिए जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तक अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन अब तक अंकिता केश की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जीतेंद्र रावत को हटाया नहीं गया है। वहीं अंकिता की मां का आरोप है की उनके बयानों को बदलकर पेश किया गया। आगे पढ़िए
वहीं अधिवक्ता जीतेंद्र रावत को फोन करने पर भी वे अंकिता के परिजनों का सही से जवाब तक नही देते। ऐसे में उन्हें अंकिता केश की पैरवी से हटाने की मांग की जा रही हैं. अंकिता की मां ने कहा की 9 माह का समय बीत चुका है लेकिन अब तक उन्हे न्याय नही मिल पाया है. अंकिता की मां ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी है की उन्हे न्याय न मिला तो वे और अंकिता के पिता आत्मदाह कर लेंगे। अंकिता के माता-पिता ने पत्र लिखकर हत्याकांड की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पर मामले को कमजोर करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप में कहा कि प्रकरण में एक गवाह विवेक आर्य ने चार मई को दिए अपने बयान में अंकिता की हत्या से पहले उसे नजरबंद कर मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर दुराचार किए जाने का आरोप लगाया था। अंकिता के पिता ने दावा किया कि सरकारी वकील ने बयानों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया और बयान दर्ज किए गए कि मुख्य आरोपी ने बंद कमरे में मृतका से बलात्कार करने की कोशिश की थी। पत्र में सरकारी वकील पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए अंकिता के पिता ने जिलाधिकारी से पांच जून तक उन्हें मामले से हटाए जाने की मांग की थी। अब उन्होंने सरकार और प्रशासन को आत्मदाह की धमकी दे दी है।