आपदा की आहट! खतरे में उत्तराखंड का पौराणिक शिव मंदिर, दक्षिण भाग में हुआ झुकाव

जिले का जोशीमठ शहर भूधंसाव की चपेट में है और अब गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर Gopinath Temple का अस्तित्व भी खतरे में नजर आ रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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Gopinath temple sinking: Gopeshwar gopinath temple sinking latest update
Image: Gopeshwar gopinath temple sinking latest update

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले को न जाने किसकी नजर लग गई है। यहां एक के बाद एक आपदाएं आ रही हैं।

Gopeshwar gopinath temple sinking

जिले का जोशीमठ शहर भूधंसाव की चपेट में है और अब गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। मंदिर का दक्षिण भाग झुक रहा है, जिससे भविष्य में मंदिर को खतरा हो सकता है। मंदिर की जलेरी अपने मूल स्थान से नीचे की ओर धंस रही है। साथ ही मंदिर के शीर्ष भाग में स्थापित गुंबद भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। स्थानीय लोगों और हक-हकूकधारियों ने इस पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से गोपीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग की। डीएम से मुलाकात के लिए पहुंचे हक-हकूकधारियों ने कहा कि मंदिर परिसर में जो निर्माण कार्य किए जा रहे रहे हैं वे उच्च अधिकारियों की देखरेख में नहीं हो रहे हैं, जिससे अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। आगे पढ़िए

साथ ही मंदिर परिसर में ऐसे निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं जो पुरातात्विक दृष्टिकोण से सही नहीं है। लोगों ने मंदिर के आसपास बिछाई सीवर लाइन पर भी सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर सीवर लाइन का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं हुआ है, जिससे सीवर का रिसाव मंदिर तक हो रहा है। स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में स्थापित त्रिशूल के संरक्षण व गोपीनाथ मंदिर के संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ पुरातत्वविदों का पैनल बनाकर संयुक्त निरीक्षण कराने की मांग की। डीएम हिमांशु खुराना ने कहा कि जल्द पुरातत्व विभाग व प्रशासन की टीम जल्द मंदिर का निरीक्षण करेगी। Gopinath Temple के संरक्षण के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।