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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: टमाटर के दाम सुनकर आज सबकी आंखों से आंसू आ रहे हैं। दाम आसमान छू रहे हैं। मगर यह खबर आपके कलेजे को भी राहत देगी।
दो दिनों के बाद आज या कल पहाड़ी इलाकों से टमाटर की खेप देहरादून पहुंचने की उम्मीद हैं। इसके साथ ही कुछ दिनों में कर्नाटक की चिंतामणि मंडी से सब्जी पहुंचने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बीते कुछ दिनों से लगातार हुई बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में रास्ते व सड़क बंद होने की वजह से चकराता, त्यूनी, थत्यूड़ समेत पहाड़ी इलाकों से टमाटर की फसल दून नहीं पहुंच पा रही थी जिसके चलते टमाटर के दाम 200 से 250 रुपये तक पहुंच गए हैं। कल पहाड़ी इलाकों से टमाटर की खेप आने की उम्मीद है। जबकि अगले कुछ दिनों में चिंतामणि मंडी से भी टमाटर और अन्य सब्जियां दून पहुंचेंगी। इसके बाद टमाटर और सभी सब्जियों के दामों में गिरावट आने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यह टमाटर जो पहले तो खूब खाया जाता था, अब मैकडोनाल्ड के बर्गर से गायब क्यों हो गया है, अरे यानी कि इनके भाव इतने बढ़ क्यों रहे हैं? टमाटर आपूर्ति में व्यवधान के दो प्रमुख कारण हैं, गर्मी की लहर और उसके बाद हुई बेमौसम बारिश। गर्मी की लहर ने टमाटर की पैदावार को काफी कम कर दिया और बेमौसम बारिश ने फसलें नष्ट कर दीं और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान पैदा कर दिया। इस बीच जमाखोरी भी बढ़ गई। कुछ थोक व्यापारियों के बजाय हजारों किसानों और छोटे व्यापारियों ने भी कोल्ड स्टोरेज में जमाखोरी शुरू कर दी। और अब नतीजतन टमाटरों की कीमत आसमान छू रही है।