Uttarakhand Eye Flu उत्तराखंड में बरसात की वजह से आई फ़्लू के केसों में हुई बढ़ोतरी, बच्चों को तेजी से चपेट में ले रहा है यह फ़्लू
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Eye flu patients are increasing in Uttarakhand
देहरादून: बरसात की वजह से आई फ्लू के केस लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं जो कि भयावह है। उत्तराखंड में भी आई फ्लू का असर देखने को मिल रहा है।
Eye flu cases increasing in Uttarakhand
यहां पर लोग लगातार इस फ्लू की चपेट में आ रहे हैं और इनफेक्ट हो रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है। ऐसे में बच्चों के अंदर आई फ्लू के मामले भी तेजी से बढ़ने लगे हैं और यह लगातार बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस बीच उत्तराखंड के सभी स्कूलों की ओर से अभिभावकों से अपील की जा रही है कि अगर आपके बच्चे के अंदर आई फ्लू के लक्षण दिखते हैं तो कृपया उसे स्कूल ना भेजें। स्कूल अभिभावकों से यह अपील कर रहे हैं कि बच्चों के स्वस्थ होने तक उनको स्कूल ना भेजें ताकि अन्य बच्चे भी सुरक्षित रहें और आई फ्लू और ज्यादा ना फैले।नेशनल एसोसिएशन फॉर पैरंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट के अध्यक्ष आरिफ खान ने जानकारी देते हुए बताया कि देहरादून और उत्तराखंड के कई स्कूल अभिभावकों को यह संदेश पहुंचा रहे हैं और उनको जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। स्कूल अभिभावकों से यह अपील कर रहे हैं कि अगर उनके बच्चों के अंदर या परिवार में किसी और को भी फ्लू है तो बच्चों को कुछ दिन स्कूल ना भेजें ताकि अन्य बच्चे भी सुरक्षित रहे। आगे पढ़िए
उन्होंने स्कूल में भी बच्चों को उचित दूरी बनाए रहने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली में भी यह आइफ़्लू तेजी से बढ़ रहा है और हर उम्र वर्ग के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मगर खास कर यह बच्चों के ऊपर खासा प्रभाव डाल रहा है और बच्चे इस फ्लू की चपेट में भी जल्दी आ जाते हैं।
Symptoms of Eye Flu
यह एक तरह का संक्रमण है जिससे आंखें पूरी तरह सूज जाती हैं। यह मानसून में इसलिए बढ़ता है क्योंकि मॉनसून के दौरान तापमान कम होता है और ह्यूमिडिटी हाई होती है और बैक्टीरिया वायरस और एलर्जी इन दिनों काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसीलिए इन दिनों आई फ्लू तेजी से बढ़ रहा है। आई फ्लू के लक्षण हैं, आंखों में लालपन होना, सूजन आना खुजली होना, जलन होना और सफेद चिपचिपा पदार्थ का निकलना। अगर आपको या आपके घर में किसी और को भी इनमें से किसी भी प्रकार का लक्षण दिखाई दे रहा है तो तुरंत ही चिकित्सक से परामर्श करें और बाकी लोगों से उचित दूरी बनाए रखें।