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हरिद्वार: कहते हैं कि बेटियों के लिए मां से ज्यादा सुरक्षित स्थान इस दुनिया में कोई नहीं है मगर हरिद्वार में एक मां ने अपनी ही बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी और उसकी जान ले ली।
इस मामले में कोर्ट ने महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गला घोंटकर पुत्री की हत्या करने वाली महिला को जज संजीव कुमार ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं 25 हज़ार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दरअसल 2 मार्च 2017 में भगवानपुर क्षेत्र के गांव में एक अविवाहित लड़की की हत्या कर दी गई थी। जब कंट्रोल रूम में सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची मगर तब तक परिजन मृतक किशोरी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। आगे पढ़िए
जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्हें उसके परिजनों पर संदेह हुआ जिसके बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार रोककर लड़की के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मृतका का गला घोटने के निशान मिले जिस पर पुलिस ने मृतका की मां के ऊपर केस दर्ज कर दिया और उसके खिलाफ हत्या, षड्यंत्र रचना, साक्ष्य मिटाने के तहत तमाम मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और अब आखिरकार 5 साल के बाद में सरकारी पक्ष ने 7 गवाह पेश किए जिसमें यह खुलासा हुआ कि महिला ने अपनी बेटी की निर्ममता से हत्या की थी जिसके बाद कोर्ट ने महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।