कहने को दून प्रशासन ने मुनाफाखोरों पर कार्रवाई के लिए टीम बनाई हुई है, लेकिन इस टीम के होने का कोई फायदा नहीं।
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कोमल नेगी
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Image: 200 to 250 kg tomato in Dehradun
देहरादून: टमाटर के दाम काबू में नहीं आ रहे। महंगाई पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आम जनता परेशान हो रही है।
200 to 250 kg tomato in Dehradun
देहरादून में फुटकर मंडियों में टमाटर दो सौ से ढाई सौ रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। कहने को दून प्रशासन ने मुनाफाखोरों पर कार्रवाई के लिए टीम बनाई हुई है, लेकिन इस टीम के होने का कोई फायदा नहीं। फुटकर मंडियों में विक्रेता मुनाफाखोरी करने से बाज नहीं आ रहे। लालपुल, मोती बाजार, रेसकोर्स, छह नंबर पुलिया आदि फुटकर मंडियों में टमाटर 200 के पार है, जबकि यही टमाटर थोक मंडी में 90 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है। प्रशासन के निर्देशों को किनारे रख फुटकर विक्रेता ग्राहकों को लूट रहे हैं। निरंजनपुर मंडी से 80 से 100 रुपये की दर पर टमाटर खरीदने के बाद इसे 200 से ढाई सौ रुपये प्रति किलो के भाव बेचा जा रहा है। मुनाफाखोर प्रशासन की सुस्ती का खूब फायदा उठा रहे हैं। बीते दिनों डीएम सोनिका ने मुनाफाखोरी रोकने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति, मंडी समिति और प्रशासन के निरीक्षकों की टीम बनाई थी।
इस टीम के निरीक्षकों को हर दिन मंडियों में जाकर प्रशासन की ओर से जारी की गई सब्जियों की दरों की सूची का जायजा लेना था। दो-चार दिन तक टीम ने मंडियों का निरीक्षण किया भी, लेकिन बाद में मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। अब हाल ये है कि फुटकर विक्रेता मनमाने दाम पर सब्जियां बेच रहे हैं, जिससे आमजन की जेब ढीली हो रही है। ग्राहक प्रशासन की दरों पर सब्जी बेचने को कहते हैं, तो फुटकर विक्रेता लड़ने लगते हैं। लोग मजबूरन महंगी सब्जी खरीद रहे हैं। बता दें कि दून में प्रशासन ने निर्देश जारी कर कहा है कि टमाटर अधिकतम 110 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचे जाएंगे, लेकिन टमाटर दो से ढाई सौ रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। मामला डीएम सोनिका के संज्ञान में है, उन्होंने कहा कि मुनाफाखोरी करने वाले विक्रेताओं पर जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संबंधित टीम के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।