हरक सिंह रावत इस समय दिल्ली में हैं, पूछे जाने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ रावत ने मीडिया को बताया कि वो भी अगले दो - तीन दिनों में भविष्य की राजनीति तय कर लेंगे..
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: Anukriti may join BJP Harak political future at stake
कोटद्वार: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत की पुत्रबहू अनुकृति गुसाईं रावत ने कल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। अब चर्चाएं हैं कि अनुकृति भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर सकती हैं।
Lok Sabha Elections 2024 Updates
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस को हर दिन एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। अब तक कई दिग्गज नेता कांग्रेस पार्टी छोड़ चुके हैं। कल एक बड़ी खबर अनुकृति गुसाईं को लेकर आई थी। कांग्रेस नेता अनुकृति गुसाईं ने 16-03-2024 को व्यग्तिगत कारणों के चलते अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। अब अनुकृति गुसाईं के बीजेपी ज्वाइन करने की चर्चाएं चल रही है, हालांकि इस पर अभी किसी भी नेता का कोई भी बयान नहीं आया है। हरक सिंह रावत के लिए लोक सभा चुनाव 2024 कुछ अच्छा नहीं रहा है, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक की करीबी माने जाने वाली पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग लक्ष्मी राणा पहले ही इस्तीफा दे चुकी हैं। अब कुछ क्षेत्रीय समाचार पत्रों में अनुकृति के भाजपा में शामिल होने की ख़बरें हैं।
दो दिन में तय करेंगे भविष्य की राजनीति: हरक सिंह रावत
हरक सिंह रावत इस समय दिल्ली में हैं, पूछे जाने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ रावत ने मीडिया को बताया कि वो भी अगले दो - तीन दिनों में भविष्य की राजनीति तय कर लेंगे, गौरतलब है कि हरक सिंह रावत को उड़ीसा में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में समन्वय बनाने के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है। कांग्रेस पार्टी के हाईकमान ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत को एक बड़ी जिम्मेदारी दी है। दरअसल कांग्रेस हाईकमान द्वारा ओडिशा चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। जिसमें कांग्रेस हाईकमान ने हरक सिंह रावत, परगट सिंह और मीनाक्षी नटराजन को पर्यवेक्षक बनाया है।
चुनाव लड़ने के उतने इच्छुक नहीं
हरक सिंह रावत ने मीडिया को बताया कि उनकी अभी लगातार कांग्रेस नेतृत्व से बात हो रही है, और वो चुनाव लड़ने के उतने इच्छुक नहीं है। हरक सिंह रावत को यूँ लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उड़ीसा भेजे जाने पर राज्य के कुछ नेता अपनी अलग राय बना रहे हैं। कि उत्तराखंड राजनीती से हरक सिंह की पारी समाप्ति की ओर है, और अब उनको कांग्रेस पार्टी भी सीरियस नहीं ले रही है। आपको बता दें कि हाल ही में ED की टीम ने हरक सिंह रावत से सम्बंधित कई जगहों छापा मारा था। तब से हरक सिंह रावत पोखरो सफारी मामले में ED की जांच का सामना कर रहे हैं। इस समय हरक सिंह रावत के ऊपर CBI का मुकदमा चल रहा है।