सहस्त्रधारा निवासी एक दंपति ने एक व्यक्ति के साथ निवेश के नाम पर लाखों रुपयों की धोखाधड़ी की..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: 25 lakh fraud in name of investment
देहरादून: यहां एक दंपती ने एक व्यक्ति को निवेश का झांसा देकर उससे 25 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने पीड़ित से पैसे निवेश करवाने के बावजूद संयुक्त खाता नहीं खोला और लाखों रुपये का गबन कर लिया। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराई है।
25 lakh fraud in name of investment
जानकारी के अनुसार, रोहित अग्रवाल नाम के व्यक्ति ने राजपुर थाने एक दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। पीड़ित ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वो सहस्रधारा रोड के पैसिफिक गोल्फ एस्टेट सोसायटी का निवासी है। उन्होंने आगे बताया कि अनंदिता भारद्वाज और उसके पति विक्रांत भारद्वाज भी पैसिफिक गोल्फ एस्टेट सोसायटी के ही निवासी हैं। पीड़ित रोहित की उन दोनों से सोसायटी में ही जान-पहचान हुई थी।
अच्छे मुनाफे का दिया था लालच
अनंदिता भारद्वाज और विक्रांत भारद्वाज ने पीड़ित रोहित अग्रवाल को बताया था कि उनका गोल्फर्स लिकर एस्टेट नाम से एक शराब का स्टोर है। उन्होंने रोहित से उनके स्टोर में धनराशि निवेश करने का प्रस्ताव दिया। दंपति ने पीड़ित को इसमें अच्छा मुनाफा होने का लालच दिया। जिसके बाद रोहित उनके स्टोर में निवेश करने की बात को मान गया और पहली बार में उन्होंने आरोपी विक्रांत के पास को दो लाख रुपये का निवेश किया। इसी दौरान रोहित को उसके एक परिचित सूचित त्यागी ने बताया कि उसने भी गोल्फर्स लिकर एस्टेट में निवेश किया था लेकिन उसके साथ धोखादड़ी हुई।
पीड़ित के साथ की गई थी पार्टनरशिप
पीड़ित रोहित ने जब इस बारे में आरोपी विक्रांत भारद्वाज से पूछा तो उसने अपने दूसरे स्टोर लीकर ब्रोस में साझेदार बनाने की बात कही। झांसे में आकर पीड़ित ने 20 मई 10 लाख रुपये और 21 मई 2024 को पांच लाख रुपये लिकर ब्रोस के खाते में ट्रांसफर किए। उसके बाद 24 मई को उनके बीच पार्टनरशिप डीड बनाई गई। जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि फर्म लीकर ब्रोस का खाता किसी बैंक में खोला जाएगा। लेकिन आरोपियों ने लंबे समय तक किसी भी बैंक में खाता भी नहीं खुलवाया, वो अपनी कंपनी सोल प्रोपराइटरशिप के नाम पर ही खाता चलाती रहीं।
25 लाख रूपयों की धोखाधड़ी
पीड़ित ने डीड के बाद तीन लाख रुपये लिकर ब्रोस के खाते में ट्रांसफर किए। पीड़ित के बार-बार अनुरोध करने आरोपियों ने फर्म का एक बैंक खाता खोला। जिसे अनंदिता व्यक्तिगत रूप से चलाती थीं। कुछ समय बाद पीड़ित को पता लगा की आरोपी अपने व्यक्तिगत खर्चों के लिए फर्म के खाते का उपयोग कर रहे थे। आरोपी बार-बार निवेश की गई राशि को विभिन्न बहानों से निकालते रहे। उसके बाद 13 जुलाई 2024 को फर्म का खाता संयुक्त रूप से चलाए जाने का फैसला तय किया गया। लेकिन उसके बाद भी आरोपी अनंदिता फर्म के खाते को अकेले चलाती रहीं और उसने फर्म का सारा पैसा गबन कर लिया। पीड़ित ने बताया की इस तरह से आरोपियों ने उसके साथ कुल 25 लाख रुपये की ठगी की।
दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज
थानाध्यक्ष राजपुर शैंकी कुमार ने बताया कि पीड़ित रोहित अग्रवाल द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी विक्रांत भारद्वाज और उसकी पत्नी अनंदिता भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही है।