नेशनल प्रेस्टीज अवॉर्ड 2026 में कुमाऊंनी अभिनेत्री हर्षिता कोहली को राष्ट्रीय सम्मान मिला। दिल्ली में आयोजित समारोह में तुषार कपूर ने उन्हें अवॉर्ड प्रदान किया। DFO Diaries फिल्म से चर्चा में आई हर्षिता ने कहा – यह सम्मान पूरे उत्तराखंड का है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Harshita Kohli wins National Prestige Award 2026
नैनीताल: नेशनल प्रेस्टीज अवॉर्ड 2026 के भव्य समारोह में उत्तराखंड की उभरती कुमाऊंनी अभिनेत्री हर्षिता कोहली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर ने उन्हें मंच पर अवॉर्ड प्रदान किया। यह सम्मान उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और कुमाऊंनी कला को राष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ाने के उनके योगदान के लिए दिया गया है।
Harshita Kohli wins National Prestige Award 2026
अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद हर्षिता कोहली ने कहा कि पूरे उत्तराखंड से उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “यह अवॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और कुमाऊंनी संस्कृति का सम्मान है।” उनके अनुसार, यह सम्मान उन्हें और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देगा ताकि राज्य की लोकसंस्कृति और भाषा को देश-विदेश तक पहुंचाया जा सके।
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कुमाऊंनी सिनेमा में खास पहचान
Image: Harshita Kohli wins National Prestige Award 2026
हर्षिता लंबे समय से कुमाऊंनी सिनेमा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। उन्होंने कई क्षेत्रीय फिल्मों और म्यूजिक वीडियो में मुख्य भूमिका निभाई है। हाल ही में रिलीज हुई चर्चित फिल्म DFO Diaries में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। फिल्म में निभाया गया उनका किरदार प्रभावशाली रहा और इसे अच्छी सफलता भी मिली।
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दिल्ली में हुआ भव्य आयोजन
Image: Harshita Kohli wins National Prestige Award 2026
यह समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जहां देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। ऐसे राष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड की प्रतिनिधि के रूप में सम्मान प्राप्त करना राज्य के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
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आगे भी जारी रहेगा सांस्कृतिक सफर
Image: Harshita Kohli wins National Prestige Award 2026
हर्षिता कोहली ने कहा कि वह भविष्य में भी उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी। उनकी उपलब्धि ने कुमाऊंनी सिनेमा और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा दी है।