Mohan Bhagwat ने देहरादून में कहा कि जरूरत पड़ने पर Agniveer Scheme की समीक्षा या संशोधन संभव है, ताकि इसे और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर फीडबैक के आधार पर योजना में सुधार कि
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Mohan Bhagwat Hints Possible Review of Agniveer Scheme in Dehradun
देहरादून: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अग्निवीर योजना पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो अग्निवीर योजना में सुधार या समीक्षा की जा सकती है, जिससे इस युवा-समर्थित रक्षा भर्ती कार्यक्रम को और बेहतर बनाया जा सके। पढ़ें देहरादून से विस्तृत रिपोर्ट।
Mohan Bhagwat Hints Possible Review of Agniveer Scheme in Dehradun
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के Mohan Bhagwat ने देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की अग्निवीर (Agniveer) योजना पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस योजना में सुधार या समीक्षा की जा सकती है, जिससे युवाओं और देश की सुरक्षा नीति को बेहतर बनाने का मार्ग खुल सकता है।
फीडबैक और समीक्षा जरूरी
मोहन भागवत ने कहा कि अग्निवीर योजना एक प्रयोग है जिसे लागू करने से पहले बहुत सोच-विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि आगे चलकर इस योजना में कुछ संशोधन या समीक्षा की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह संभव है। यह बात उन्होंने उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच कहीā। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को रक्षा से जुड़ने का नया अवसर देना है, लेकिन इसे और भी प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर फीडबैक और अनुभव के आधार पर समीक्षा की जा सकती है।
क्यों है महत्वपूर्ण
अग्निवीर स्कीम भारत सरकार द्वारा शुरू की गई सेना में भर्ती की नई प्रक्रिया है, जिसमें युवाओं को चार साल की सेवा के लिए चुना जाता है और उन्हें अग्निवीर कहा जाता है। इस योजना को लेकर देशभर में समर्थन भी है और आलोचना भी, खासकर युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य को लेकर।
मोहन भागवत का बयान
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने देहरादून में कहा है कि अग्निवीर योजना, जो युवाओं के लिए सेना में भर्ती का नया तरीका है, यदि जरूरत पड़ी तो उसमें संशोधन या समीक्षा की जा सकती है। भागवत ने कहा कि यदि योजना को और बेहतर या न्यायसंगत बनाने के लिए संशोधन की आवश्यकता पड़ी, तो वह समय और परिस्थिति के अनुसार विचार करने योग्य है। यह बयान Agniveer योजना के प्रति सरकार और राष्ट्रवादी संगठनों के सोच में संभावित बदलाव को दर्शाता है।
मोहन भागवत ने सामाजिक समरसता और एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव और विषमता को समाप्त करने की ज़रूरत है ताकि समाज में समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सिर्फ सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों का योगदान चाहिए।