Tehri Garhwal के चंबा-कोटी मार्ग पर हुए भीषण हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। चार रिश्तेदारों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: 8 Killed After Vehicle Falls into Gorge in Tehri
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के Tehri Garhwal जिले में चंबा-कोटी मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई। यह हादसा नैल के पास उस समय हुआ जब ऋषिकेश से लौट रहा एक मैक्स कैंपर वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोरकर रख दिया है।
8 Killed After Vehicle Falls into Gorge in Tehri
इस हादसे में जान गंवाने वाले चार लोग आपस में रिश्तेदार थे, जिनका अंतिम संस्कार कोटी में झील किनारे एक साथ किया गया। इन चारों की एक साथ जली चिता ने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और हर कोई गहरे सदमे में नजर आया। जिनका अंतिम संस्कार कोटी में झील किनारे एक साथ किया गया उनकी पहचान प्रेम लाल (चकरेड़ा), सेहत लाल (चकरेड़ा), विजय लाल (चांजी) और लक्ष्मण (चांजी) के रूप में हुई है।
हादसे में जान गंवाने वाले अन्य चार लोगों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में किया गया। उनकी पहचान शिव सिंह (चालक) – होल्टा, आशा लाल – ठेला, महावीर – बडियारगढ़, कीर्तिनगर और राहुल (25) – लडयासू, रुद्रप्रयाग के रूप में हुई है। गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है और हर घर में मातम का माहौल बना हुआ है। परिजन और ग्रामीण एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए। आगे पढ़िए..
पोस्टमार्टम के बाद सौंपे गए शव
सभी आठ मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल बौराड़ी में किया गया। इसके बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां सड़क चौड़ी है, इसलिए हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। वाहन की तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा के लिए दिए गए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश दिए हैं। इसमें तीव्र ढलान वाले स्थानों पर रंबल स्ट्रिप्स लगाने, क्रैश बैरियर स्थापित करने और मोड़ों की संरचना में सुधार करने की बात कही गई है। साथ ही, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड और स्पीड लिमिट के संकेत लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में दुर्घटना के कारण, वाहन की स्थिति, चालक की भूमिका और संभावित लापरवाही जैसे कई पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।