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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चम्पावत: उत्तराखंड में इन दिन राशन कार्ड्स के डिजिटल वैरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही हहै। लेकिन अब तक कुल मिलाकर 60 फीसदी ही काम पूरा हुआ है।
इनमें सबसे ज्यादा राज्य खाद्य सुरक्षा योजना वाले कार्ड हैं, जो अभी तक सिर्फ 53 फीसदी ही वैरिफाई हो पाए हैं। खास बात ये है कि अगर तय समय पर वैरिफिकेशन का काम पूरा नहीं हुआ तो बचे हुए कार्डों के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है। आपको बता दें कि इस समय पूरे प्रदेश में जाति, आय, आयुष्मान कार्ड, निवास, राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों की वैरिफिकेशन प्रक्रिया चल रही है। आगे पढ़िए..
इस समय चंपावत जिले की ही बात करें तो जिले में अन्त्योदय, बीपीएल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कुल 60 हजार 247 राशन कार्ड हैं। इनमें अन्त्योदय योजना के 5865, बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 29100 और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के बीपीएल 25282 शामिल हैं। इन सभी का ई-केवाईसी होना है। सरकार ने इसके लिए 31 मई तक का समय तय किया है। राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कुल 165933 यूनिट्स है, जिसमें से 116190 ने ही ई-केवाईसी कराया है। इसके अलावा अन्त्योदय-बीपीएल की 96410 यूनिट्स हैं। इनमें से 45936 का ई-केवाईसी हुआ है।