उत्तराखंड रोडवेज बोर्ड ने 814 नई बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है। साथ ही कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2% बढ़ोतरी और तकनीकी पदों पर आउटसोर्स भर्ती को भी स्वीकृति मिली। दूसरी ओर वेतन न मिलने से कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया है।
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Image: 814 New Buses Approved for Uttarakhand Roadways
देहरादून: उत्तराखंड रोडवेज के बेड़े को मजबूत बनाने के लिए बड़ी मंजूरी मिल गई है। सचिवालय में आयोजित रोडवेज बोर्ड की बैठक में 814 नई बसों की खरीद के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। बोर्ड के अध्यक्ष एल फैन्नई की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
814 New Buses Approved for Uttarakhand Roadways
अधिकारियों ने बोर्ड को बताया कि बसों की खरीद चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। अब हर बार अलग-अलग प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया से बचते हुए एकमुश्त 814 बसों की खरीद की अनुमति ली गई है। जैसे-जैसे पुरानी बसें सेवा से हटाकर नीलाम की जाएंगी, उनकी जगह नई बसें शामिल की जाती रहेंगी। गौरतलब है कि इससे पहले 30 अप्रैल को राज्य मंत्रिमंडल ने रोडवेज को 250 नई बसें खरीदने की मंजूरी दी थी। रोडवेज ने भौगोलिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बसों का प्रारूप भी तय किया है।
नई बसों का प्रस्तावित विवरण
580 छोटी बसें (32–34 सीटर): पर्वतीय मार्गों के लिए।
234 बड़ी बसें (50 सीटर): मैदानी और लंबी दूरी के मार्गों के लिए।
इससे पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित और बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
तकनीकी पदों पर होगी आउटसोर्स भर्ती
बैठक में रोडवेज के तकनीकी कैडर में खाली पदों को भरने पर भी निर्णय लिया गया। स्थायी भर्ती होने तक मैकेनिक, वेल्डर और अन्य तकनीकी पदों पर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी। बताया गया कि तकनीकी श्रेणी में 250 से अधिक पद वर्तमान में रिक्त हैं। आगे पढ़िए..
कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2% बढ़ोतरी
रोडवेज बोर्ड ने 1,839 स्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दे दी। अब रोडवेज कर्मचारियों का DA 53 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि यह अभी भी राज्य सरकार के कर्मचारियों के 60 प्रतिशत DA से कम है। एक ओर जहां बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए, वहीं दूसरी ओर रोडवेज कर्मचारियों में वेतन भुगतान को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पिछले दो महीने से वेतन न मिलने के विरोध में बुधवार से सांकेतिक धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ट्रांसपोर्टनगर और आईएसबीटी में हुआ प्रदर्शन
देहरादून के ट्रांसपोर्टनगर और आईएसबीटी परिसर में कर्मचारियों ने दो-दो घंटे का धरना देकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उन्होंने सरकार और रोडवेज प्रबंधन से जल्द वेतन जारी करने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।