उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी का अस्पताल में इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जंगली मशरूम न खाने की अपील की है।
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Image: Three Hospitalized After Eating Wild Mushrooms in Almora
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी ब्लॉक के गैराड गांव में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बरसात के मौसम में जंगली मशरूम खाने से बचने की सलाह दी है।
Three Hospitalized After Eating Wild Mushrooms in Almora
जानकारी के अनुसार, परिवार की एक महिला दोपहर में जंगल से जंगली मशरूम लेकर आई थीं। शाम को इन्हीं मशरूम से भोजन तैयार किया गया, जिसे परिवार के तीन सदस्यों (दादी, बहू और पोता) ने खाया। कुछ ही समय बाद सभी को उल्टी, तेज पेट दर्द, घबराहट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी ले गए। प्राथमिक उपचार के दौरान मरीजों की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने तीनों को बेस अस्पताल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली। डॉक्टरों के अनुसार, परिवार की 55 वर्षीय महिला की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य दो मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। आगे पढ़िए..
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में उगने वाली कई प्रकार की मशरूम जहरीली होती हैं और सामान्य व्यक्ति के लिए सुरक्षित एवं विषैली प्रजातियों में अंतर करना बेहद कठिन होता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना वैज्ञानिक पहचान वाले किसी भी जंगली मशरूम का सेवन न करें। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि मशरूम खाने के बाद उल्टी, चक्कर, पेट दर्द, घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। समय पर उपचार मिलने से गंभीर खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली मशरूम तेजी से उगते हैं। इन्हीं दिनों विषैली मशरूम के सेवन की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बिना पहचान वाले मशरूम खाने से पूरी तरह बचना चाहिए।