Dehradun Nursing Recruitment: नर्सिंग एकता मंच ने भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। 32 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस को भर्ती परीक्षा से कनेक्शन नहीं मिला।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Nursing Recruitment Controversy Deepens in Dehradun
देहरादून: देहरादून में नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। नर्सिंग एकता मंच का एकता विहार में चल रहा आंदोलन 269वें दिन भी जारी रहा। मंच और बेरोजगार संघ ने 25 जुलाई को हुई नर्सिंग लिखित परीक्षा की निष्पक्षता और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
Nursing Recruitment Controversy Deepens in Dehradun
इसी बीच 32 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग पुलिस मामले ने भी चर्चा तेज कर दी है। हालांकि पुलिस की अब तक की जांच में इस व्यक्तिगत धोखाधड़ी के मामले का नर्सिंग भर्ती परीक्षा या किसी परीक्षा एजेंसी से सीधा संबंध सामने नहीं आया है। नर्सिंग एकता मंच के अभ्यर्थी वर्षवार भर्ती समेत विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मंच का कहना है कि शासन स्तर से उनकी मांगों पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया गया था और संबंधित पत्र पर शासन का जवाब अभी लंबित था। मंच ने सवाल उठाया कि जब शासन का जवाब आना बाकी था, तो 25 जुलाई को लिखित परीक्षा आयोजित कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जल्दबाजी क्यों की गई।
मंच ने 32 लाख रुपये के कथित लेन-देन का मामला उठाया
नर्सिंग एकता मंच ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और 32 लाख रुपये के लेन-देन से जुड़े कुछ दस्तावेज और ट्रांजेक्शन के साक्ष्य होने का दावा किया है। मंच का कहना है कि वह बिना जांच किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रहा है, लेकिन सामने आए दस्तावेजों और लेन-देन की सत्यता की जांच जरूरी है। मंच ने सरकार से मांग की है कि 25 जुलाई की लिखित परीक्षा समेत पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
भर्ती का परिणाम रोकने और जांच की मांग
नर्सिंग एकता मंच ने मांग की है कि जब तक पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक भर्ती परीक्षा का परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी जाए। मंच का कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता प्रमाणित होती है तो भर्ती प्रक्रिया निरस्त की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
32 लाख की धोखाधड़ी का अलग मामला पुलिस में दर्ज
इसी बीच पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को एक महिला ने नेहरू कॉलोनी थाने में 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत है। महिला के अनुसार उसकी मुलाकात चारू चंद्र जोशी से शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि चारू चंद्र जोशी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का ड्रग इंस्पेक्टर बताया और उच्चाधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर अलग-अलग तारीखों में उससे करीब 32 लाख रुपये ले लिए। शिकायत के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा अपराध संख्या 331/26 दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में भर्ती परीक्षा से कनेक्शन नहीं मिला
पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना अभी जारी है। पुलिस आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुए वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और आरोपी के कथित संपर्कों की जांच कर रही है। अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर प्रथमदृष्टया मामला व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है। पुलिस का कहना है कि अभी तक आरोपी के किसी परीक्षा एजेंसी या चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इसी तरह प्रश्नपत्र लीक या किसी संगठित भर्ती गड़बड़ी से जुड़े प्रमाण भी अब तक सामने नहीं आए हैं।
नैनीताल में भी दर्ज हैं आरोपी के खिलाफ मामले
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चारू चंद्र जोशी के खिलाफ नैनीताल जिले में भी नौकरी लगवाने का झूठा आश्वासन देकर धोखाधड़ी और शारीरिक शोषण के आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, नैनीताल में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तीन मुकदमे और दुष्कर्म का एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन मामलों की जानकारी भी वर्तमान विवेचना में शामिल की जा रही है।
पुलिस ने भर्ती परीक्षा से जोड़ने पर स्थिति स्पष्ट की
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में दर्ज मामला व्यक्तिगत धोखाधड़ी से जुड़ा है। इसे नर्सिंग भर्ती परीक्षा की शुचिता से जोड़ना उचित नहीं है। पुलिस फिलहाल वित्तीय लेन-देन और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर नर्सिंग एकता मंच भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की अपनी मांग पर कायम है।