किच्छा स्ट्रॉन्ग रूम विवाद और विधायक तिलकराज बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने के आरोप के बाद भाजपा-कांग्रेस में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बेहड़ पर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Kichha Strong Room Dispute Rajesh Shukla Big Allegation
उधमसिंह नगर: किच्छा में स्ट्रॉन्ग रूम विवाद के बाद भाजपा-कांग्रेस में बयानबाजी तेज हो गई है। विधायक तिलकराज बेहड़ ने बदसलूकी और थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगाया, जबकि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने बेहड़ पर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। शुक्ला ने यह भी दावा किया कि बेहड़ के साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा एक अपराधी मौजूद था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Kichha Strong Room Dispute: Rajesh Shukla’s Big Allegation
सिडकुल चौकी से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछले करीब दस दिनों से तिलकराज बेहड़ लगातार बयानबाजी कर रहे थे और चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। शुक्ला ने कहा कि उन्हें पहले से लग रहा था कि बेहड़ चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से नहीं होने देना चाहते थे। हालांकि, यह शुक्ला का राजनीतिक आरोप है। उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में स्ट्रॉन्ग रूम विवाद और दोनों पक्षों के बीच टकराव की पुष्टि होती है, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचने पर उठाए सवाल
राजेश शुक्ला ने कहा कि मतदान के बीच तिलकराज बेहड़ के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचने पर उन्होंने सवाल उठाया था। उनके मुताबिक स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियां रखी जानी थीं और वहां सुरक्षा व्यवस्था के तहत पर्दे लगाए जा रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार बेहड़ ने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लगाए जा रहे पर्दों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया। आगे पढ़िए..
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अपराधी का दावा
शुक्ला ने आरोप लगाया कि बेहड़ जब स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे थे, उस समय उनके साथ लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक खूंखार अपराधी मौजूद था। उन्होंने यह भी दावा किया कि बेहड़ की स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचने की मंशा मतपेटियों पर कब्जा करने की थी। हालांकि, इस गंभीर आरोप के संबंध में फिलहाल कोई स्वतंत्र पुलिस पुष्टि या ऐसा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके। इसलिए इसे शुक्ला के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
समर्थक नहीं होते तो जान को खतरा था
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके साथ मौजूद समर्थकों की वजह से स्थिति संभली। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके समर्थक मौके पर नहीं होते तो उनकी जान को भी खतरा हो सकता था। दूसरी ओर, कांग्रेस पक्ष ने बेहड़ के साथ मारपीट और थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगाया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद दोनों पक्षों ने धरना दिया और पुलिस ने दोनों नेताओं तथा समर्थकों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।
दोनों पक्षों के आरोपों से बढ़ा सियासी विवाद
किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान सामने आए इस विवाद में अब दोनों राजनीतिक खेमे एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हुए घटनाक्रम में धक्का-मुक्की और हंगामे के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और निगरानी बनाए रखने की बात कही है। फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोप सामने हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शुक्ला के दावे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।