विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने उत्तराखंड संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राम माधव को नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। दुष्यंत गौतम को इस जिम्मेदारी से हटाया गया है, जबकि बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह-प्रभारी बनाया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Ram Madhav Appointed Uttarakhand BJP In-Charge
देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। भाजपा ने राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी दुष्यंत गौतम संभाल रहे थे। पार्टी ने उत्तराखंड के सह-प्रभारियों में भी बदलाव किया है।
Ram Madhav Appointed Uttarakhand BJP In-Charge
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से 23 सितंबर को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई नियुक्तियों की घोषणा की गई। इस सूची में उत्तराखंड की जिम्मेदारी राम माधव को दी गई है। राम माधव के पास तमिलनाडु की संगठनात्मक जिम्मेदारी भी रहेगी। उत्तराखंड में उनके साथ बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह-प्रभारी बनाया गया है।
दुष्यंत गौतम को हटाया गया
राम माधव की नियुक्ति के साथ ही दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड प्रभारी की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। गौतम करीब छह साल तक उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी रहे थे। नई नियुक्तियों की सूची में उन्हें उत्तराखंड के लिए कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। आगे पढ़िए..
दुष्यंत गौतम को लेकर उत्तराखंड में समय-समय पर राजनीतिक विवाद और विरोध की खबरें सामने आती रही हैं। कुछ रिपोर्टों में उनका नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के संदर्भ में भी चर्चा में आने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इसे उनके हटाए जाने की आधिकारिक वजह के तौर पर पेश नहीं किया गया है।
राम माधव कौन हैं?
राम माधव भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय तक जुड़े रहे और बाद में भाजपा के संगठन में आए। वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली थी। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े संगठनात्मक मामलों में काम किया। बाद में उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय टीम से बाहर किया गया था। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। अब उन्हें उत्तराखंड और तमिलनाडु की संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विधानसभा चुनाव से पहले अहम बदलाव
उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में चुनाव से कुछ महीने पहले भाजपा की ओर से प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों में किया गया यह बदलाव संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण है। नई टीम में राम माधव के साथ बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उत्तराखंड भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों और आगामी चुनाव की तैयारियों में इन नेताओं की भूमिका अहम रहेगी। हालांकि, इस बदलाव के पीछे पार्टी का आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।