उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा प्लान! तीन तलाक-हलाला पीड़ित महिलाओं को मिलेगा मुफ्त घर?

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड तीन तलाक और निकाह हलाला के कारण बेसहारा या बेघर हुई महिलाओं के लिए मुफ्त आवास की योजना पर काम कर रहा है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स के मुताबिक प्रस्ताव अगले महीने बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा
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Uttarakhand Waqf Board: Uttarakhand Waqf Board to Offer Free Housing to Triple Talaq Victims
Image: Uttarakhand Waqf Board to Offer Free Housing to Triple Talaq Victims

देहरादून: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने तीन तलाक और निकाह हलाला की परिस्थितियों के कारण बेसहारा या बेघर हुई महिलाओं के पुनर्वास के लिए मुफ्त आवास उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स के मुताबिक, इस संबंध में प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। फिलहाल योजना प्रस्ताव के स्तर पर है और अंतिम निर्णय बैठक में लिया जाना बाकी है।

Uttarakhand Waqf Board to Offer Free Housing to Triple Talaq Victims

शादाब शम्स के मुताबिक वक्फ बोर्ड के पास बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध है। उनका कहना है कि जरूरतमंद महिलाओं के लिए इसी भूमि का इस्तेमाल आवास उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड सरकारी एजेंसियों या निजी डेवलपर्स के सहयोग से आवास तैयार करने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, कितने घर बनाए जाएंगे, कहां बनाए जाएंगे और किन महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी, इन बिंदुओं पर अंतिम फैसला प्रस्ताव पारित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

अवैध कब्जे वाली वक्फ संपत्तियों को खाली कराने की बात

बोर्ड अध्यक्ष ने वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठाया है। उनके मुताबिक ऐसी जमीनों और भवनों को कब्जामुक्त कराने के बाद जरूरतमंद महिलाओं के लिए उनका इस्तेमाल सुनिश्चित करने की योजना है। आगे पढ़िए..

हालांकि, इस संबंध में कितनी संपत्तियां उपलब्ध हैं और उनमें से कितनी का इस्तेमाल आवास के लिए किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

तलाक के बाद बेसहारा होने वाली महिलाओं का मुद्दा

शादाब शम्स ने कहा कि कुछ मामलों में तीन तलाक के बाद महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने को बोर्ड पुनर्वास की दिशा में एक कदम के तौर पर देख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए तलाक के बाद महिला और उसके बच्चों की जिम्मेदारी उठाना मुश्किल हो सकता है।

UCC लागू होने के बाद योजना का जिक्र

बोर्ड अध्यक्ष ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू होने के बाद मुस्लिम महिलाओं के लिए इस तरह की सहायता पहल का भी उल्लेख किया है। हालांकि, मुफ्त आवास की योजना अभी लागू नहीं हुई है और इसे अमल में लाने से पहले बोर्ड की मंजूरी जरूरी होगी।

अगले महीने बोर्ड बैठक में आएगा प्रस्ताव

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की आगामी बैठक में मुफ्त आवास योजना का प्रस्ताव रखा जाना है। बैठक में प्रस्ताव पर फैसला होने के बाद ही योजना की पात्रता, आवासों की संख्या, स्थान और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर साफ होगी। समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह योजना प्रस्तावित है और वक्फ बोर्ड की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।