उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच बिजपुर-पनियाला मोटर मार्ग पर अचानक भारी मलबा आने से ऋषिकेश से भैंतला खाल जा रही बस फंस गई। चालक ने समय रहते बस रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Image: Bus Trapped in Landslide Debris in Uttarakhand
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बिजपुर-पनियाला मोटर मार्ग पर भी भारी मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया। इसी दौरान ऋषिकेश से भैंतला खाल जा रही यात्रियों से भरी बस अचानक मलबे की चपेट में आकर फंस गई। मलबा अचानक आने के कारण बस के खाई की ओर जाने का खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, चालक ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और बस को रोक लिया।
Bus Trapped in Landslide Debris in Uttarakhand
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक ने तत्काल बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार दिया। वहीं, परिचालक ने बस के पिछले पहियों के नीचे पत्थर लगाकर वाहन को रोकने का प्रयास किया। यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद चालक और परिचालक ने राहत की सांस ली। इस दौरान सड़क पर लगातार मलबा आने की स्थिति बनी हुई थी।
पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेश नेगी और सुरेंद्र सिंह नेगी ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष महिपाल सिंह रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आगे पढ़िए..
पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी और मार्ग से मलबा हटाने के लिए JCB भेजने को कहा।
तीन घंटे तक नहीं पहुंची JCB
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के करीब तीन घंटे बाद तक विभाग की JCB मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस दौरान बारिश जारी रही और सड़क पर लगातार मलबा आने का खतरा बना रहा। क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेश नेगी ने आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को समय रहते टाला जा सके।
संवेदनशील सड़कों पर निगरानी की मांग
नरेश नेगी ने कहा कि आपदा प्रबंधन टिहरी को घटना की तत्काल सूचना दिए जाने के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई। उन्होंने बारिश के दौरान संवेदनशील मोटर मार्गों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मलबा हटाने के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।