पूर्व DGP अशोक कुमार हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा देंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए 31 अक्टूबर तक आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए है
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Image: Ashok Kumar to Resign as Sports University VC
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व DGP अशोक कुमार हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा देंगे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान अशोक कुमार की ओर से अदालत को बताया गया कि वह व्यक्तिगत कारणों से पद पर आगे बने रहने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को इस्तीफा स्वीकार करने और 31 अक्टूबर 2026 तक आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
Ashok Kumar to Resign as Sports University VC
अशोक कुमार की हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति पद पर नियुक्ति को डॉ. देवेंद्र सिंह मोर और एक अन्य याचिकाकर्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनकी नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2018 के नियमों के अनुरूप नहीं थी। याचिकाकर्ताओं ने नियुक्ति के साथ-साथ 15 जुलाई 2024 के उस पत्र को भी चुनौती दी थी, जो अशोक कुमार के वेतन निर्धारण से संबंधित था।
हालांकि, हाईकोर्ट ने नियुक्ति की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं दिया। सुनवाई के दौरान अशोक कुमार की ओर से व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की बात कही गई, जिसके बाद याचिका का निपटारा कर दिया गया।
तीन सप्ताह में देना होगा इस्तीफा
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ के समक्ष अशोक कुमार की ओर से कहा गया कि वह व्यक्तिगत कारणों से कुलपति पद पर बने रहने की स्थिति में नहीं हैं और तीन सप्ताह के भीतर इस्तीफा सौंप देंगे। अदालत ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस्तीफा मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसे स्वीकार किया जाए। साथ ही 31 अक्टूबर 2026 तक इस्तीफा स्वीकार करने, अंतरिम व्यवस्था करने और नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने समेत जरूरी कदम पूरे करने को कहा गया है।
वरिष्ठ डीन संभालेंगे कुलपति की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इस्तीफे के बाद नई नियुक्ति होने तक विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम डीन को कुलपति के कार्यों का अंतरिम तौर पर निर्वहन कराया जाए। आगे पढ़िए..
अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि अगले कुलपति की नियुक्ति में UGC Regulations, 2018 का सख्ती से पालन किया जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के 2026 के डॉ. एस. मोहन बनाम सेक्रेटरी टू द चांसलर, पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले को भी ध्यान में रखने को कहा गया है।
याचिका में क्या लगाए गए थे आरोप?
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि UGC Regulations, 2018 के तहत कुलपति पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक और अनुभव संबंधी मानकों का पालन नहीं हुआ। याचिका में यह भी कहा गया था कि अशोक कुमार के पास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के तौर पर आवश्यक अनुभव नहीं था। वहीं, अदालत के मौजूदा आदेश के बाद इन आरोपों पर नियुक्ति की वैधता संबंधी कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष दर्ज नहीं किया गया, क्योंकि अशोक कुमार के इस्तीफे के बयान के बाद याचिका का निपटारा कर दिया गया।
अशोक कुमार ने बताया व्यक्तिगत कारण
अशोक कुमार की ओर से अदालत में पद छोड़ने के लिए व्यक्तिगत कारण बताए गए। उन्होंने कहा कि वह परिवार को समय देना चाहते हैं और इस संबंध में सरकार को भी पहले जानकारी दे चुके थे। अशोक कुमार नवंबर 2023 में उत्तराखंड के DGP पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्हें हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मार्च 2024 में पद संभाला था।
कौन हैं अशोक कुमार?
अशोक कुमार उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक रहे हैं। उनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ था। उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech और थर्मल इंजीनियरिंग में MTech की पढ़ाई की। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ASP, SP, DIG, IG और ADG समेत विभिन्न पदों पर काम किया। वह संयुक्त राष्ट्र मिशन, CRPF और BSF में भी प्रतिनियुक्ति पर रहे। अशोक कुमार नवंबर 2020 से नवंबर 2023 तक उत्तराखंड के DGP रहे। सेवानिवृत्ति के बाद मार्च 2024 में उन्हें हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया था।