नाना पाटेकर ने जब ऋषिकेश में गंगा गंगा किनारे कहा था- ‘असली गहना हमारे भीतर है। 29 सितंबर 2022 को परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल हुए नाना ने कहा था कि इस अनुभव से उन्हें अपने भीतर बदलाव महसूस हो रहा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Nana Patekar Special Connection with Uttarakhand
ऋषिकेश: ऋषिकेश में गंगा का किनारा, सामने आरती की लौ और पीछे पहाड़ों का शांत दृश्य। इसी माहौल में नाना पाटेकर का एक ऐसा रूप सामने आया था, जो उनकी फिल्मों में नजर आने वाले किरदारों से बिल्कुल अलग था। 29 सितंबर 2022 को परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में शामिल होने के बाद नाना ने जीवन और दिखावे को लेकर अपनी बात रखी थी। उनका कहना था कि अच्छे कपड़े पहनने और बाहरी दिखावे से कुछ हासिल नहीं होता। इंसान के भीतर जो है, वही उसकी असली पहचान और वास्तविक गहना है।
Nana Patekar’s Special Connection with Uttarakhand
गंगा आरती में शामिल होने के बाद नाना ने अपने अनुभव को भी साझा किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने अंदर बदलाव महसूस हो रहा है। उनकी यह बात महज किसी फिल्मी कलाकार की औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं थी। उस शाम उनका पूरा अंदाज ही बेहद सहज और आत्ममंथन वाला नजर आया था।
उत्तराखंड से था नाना पाटेकर का खास जुड़ाव
नाना पाटेकर उत्तराखंड में सिर्फ घूमने नहीं आए थे। वह एक मराठी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में प्रदेश पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने चमोली की नीती घाटी से लेकर देहरादून और ऋषिकेश तक का सफर किया। पहाड़ों में शूटिंग के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और सेना के जवानों से भी बातचीत की। उत्तराखंड की सादगी और पहाड़ों की खूबसूरती उन्हें काफी पसंद आई थी। बताया जाता है कि उन्होंने उत्तराखंड में घर बनाकर रहने की इच्छा भी जाहिर की थी।
केदारनाथ भी पहुंचे थे नाना
नाना पाटेकर का उत्तराखंड से जुड़ाव केवल ऋषिकेश तक सीमित नहीं रहा। वह केदारनाथ धाम भी पहुंचे थे। पहाड़ों और आध्यात्मिक वातावरण से उनका जुड़ाव उनकी उत्तराखंड यात्राओं में कई बार देखने को मिला। आगे पढ़िए..
लेकिन उनकी सबसे भावुक और यादगार तस्वीरों में ऋषिकेश की वह शाम खास है, जब वह गंगा आरती में श्रद्धालुओं के बीच बैठे दिखाई दिए थे।
मुख्यमंत्री से मुलाकात में भी की थी उत्तराखंड की तारीफ
उत्तराखंड प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और यहां के लोगों की सादगी की सराहना की थी। उनका उत्तराखंड प्रवास एक फिल्मी शूटिंग से शुरू हुआ, लेकिन पहाड़, गंगा और यहां का आध्यात्मिक वातावरण उनकी यादों का हिस्सा बन गया।
75 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। भारतीय सिनेमा में अपनी दमदार आवाज, तीखे संवाद और अलग अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर का जाना फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति है।
अब गंगा किनारे कही वह बात और भी खास हो गई
नाना पाटेकर की फिल्में और उनके संवाद लंबे समय तक याद किए जाएंगे। लेकिन ऋषिकेश में गंगा के किनारे कही उनकी वह बात अब उनकी जिंदगी को देखने का एक अलग नजरिया देती है। जिस ‘असली गहने’ की बात उन्होंने की थी, वह कोई कपड़ा, शोहरत या बाहरी चमक नहीं थी। वह इंसान के भीतर की सच्चाई थी। आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन गंगा की उस शाम की तस्वीर और उनके विचार शायद लंबे समय तक उनकी यादों के साथ जुड़े रहेंगे।