उत्तराखंड: अग्निवीर भर्ती में बदइंतजामी! पानी को भटक रहे अभ्यर्थी, गंदे टॉयलेट और महंगे कमरों ने बढ़ाई परेशानी

रुड़की में अग्निवीर भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों को पीने के पानी, गंदे टॉयलेट, मोबाइल चार्जिंग और ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है। महंगे कमरों और बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान युवाओं की शिकायतों पर...
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Uttarakhand Agniveer Recruitment 2026: Agniveer Recruitment in Roorkee Candidates Face Basic Facility Shortage
Image: Agniveer Recruitment in Roorkee Candidates Face Basic Facility Shortage

रुड़की: बीईजी केंद्र में अग्निवीर भर्ती के लिए देशभर से पहुंच रहे युवाओं को पेयजल, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग और ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों ने पानी के खाली टैंकर, गंदे बायो टॉयलेट और महंगे कमरों को लेकर शिकायत की है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने व्यवस्थाओं की जांच और सुधार का आश्वासन दिया है।

Agniveer Recruitment in Roorkee: Candidates Face Basic Facility Shortage

उत्तराखंड के रुड़की स्थित बीईजी केंद्र में 5 से 23 अक्टूबर तक अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती में शामिल होने के लिए देशभर से रोजाना एक हजार से अधिक अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने के बावजूद उनके लिए की गई बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम की ओर से की गई व्यवस्थाओं की पड़ताल में पेयजल, शौचालय, बिजली और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाओं की कमी सामने आई है। भर्ती के लिए आए युवाओं का कहना है कि उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

चार दिन से खाली पड़ा पानी का टैंकर

अभ्यर्थियों के मुताबिक, शुरुआत में पेयजल के लिए टैंकर की व्यवस्था की गई थी, लेकिन पानी खत्म होने के बाद उसे दोबारा नहीं भरा गया। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि एसडीएम चौक के पास खड़ा पानी का टैंकर पिछले चार दिनों से खाली है।उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बहादुरपुर निवासी शिवम और आगरा-शिकोहाबाद के विकास व राजकुमार समेत अन्य अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। कुछ युवा आसपास के पेट्रोल पंपों से पानी लेकर प्यास बुझा रहे हैं। गर्मी के बीच पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भर्ती में शामिल होने आए युवाओं की परेशानी बढ़ गई है।

बायो टॉयलेट में गंदगी, रात में भी होती है परेशानी

भर्ती स्थल पर लगाए गए बायो टॉयलेट की साफ-सफाई को लेकर भी अभ्यर्थियों ने शिकायत की है। उनका कहना है कि शौचालयों में गंदगी जमा है और नियमित सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है। टॉयलेट में बिजली के होल्डर लगाए गए हैं, लेकिन न तो बिजली की सप्लाई है और न ही बल्ब लगे हैं। ऐसे में रात के समय शौचालय का इस्तेमाल करना और मुश्किल हो जाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया के दौरान साफ-सफाई और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। आगे पढ़िए..

मोबाइल चार्ज करने के लिए बस अड्डे और दुकानों का सहारा

भर्ती में शामिल होने आए युवाओं के लिए मोबाइल चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थी रुड़की बस अड्डे, ढाबों और आसपास की दुकानों पर फोन चार्ज करने के लिए निर्भर हैं। कुछ युवा अपने साथ पावर बैंक लेकर पहुंचे हैं। मोबाइल फोन अभ्यर्थियों के लिए परिजनों से संपर्क बनाए रखने का भी जरिया है। ऐसे में फोन चार्ज करने की सुविधा नहीं मिलने से उन्हें अतिरिक्त परेशानी हो रही है।

पेड़ों के नीचे आराम करने को मजबूर अभ्यर्थी और परिजन

भर्ती स्थल पर ठहरने के लिए टेंट लगाए गए हैं, लेकिन अभ्यर्थियों ने वहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है। कई युवा अपने परिजनों के साथ कचहरी रोड पर पेड़ों के नीचे आराम करते दिखाई दिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि दूर-दराज से भर्ती में शामिल होने आने वाले युवाओं के लिए ठहरने और आराम करने की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।

कमरा लेने के लिए 1200 से 1500 रुपये तक किराया

अग्निवीर भर्ती के लिए रुड़की पहुंचे युवाओं और उनके परिजनों को होटल में कमरा लेने में भी परेशानी हो रही है। हापुड़ निवासी दीपक ने बताया कि वह अपने बेटों ग्रंथ और पर्व के साथ दो दिन पहले रुड़की पहुंचे थे। दीपक के मुताबिक, बस अड्डे के पास उन्हें 1000 रुपये से कम किराये पर कमरा नहीं मिला। होटल संचालक 1200 से 1500 रुपये तक किराया मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग में कमरे का किराया कम दिखता है, जबकि मौके पर अधिक रकम बताई जाती है। दीपक ने चेकआउट के समय को लेकर भी परेशानी जताई। उनके अनुसार, सामान समेटने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही निर्धारित समय पर कमरा खाली करने का दबाव बनाया जाता है।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन

अभ्यर्थियों की शिकायतों पर रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने कहा कि सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए तहसील से एक कर्मचारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मोबाइल चार्जिंग को भी जरूरी सुविधा बताते हुए इसे जल्द शुरू करने का प्रयास करने की बात कही। साथ ही, पेयजल और सफाई व्यवस्था में कमी की जांच कराने तथा जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से इन व्यवस्थाओं में कितनी जल्दी सुधार किया जाता है, ताकि भर्ती में शामिल होने आए युवाओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।