गैरसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले उत्तराखंड विधानसभा सत्र के पहले दिन करीब 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और आठ विधेयक पेश किए जाएंगे।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Assembly Session to Begin on October 27 with 7000 Crore Budget
चमोली: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्र के पहले ही दिन सरकार करीब 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और आठ विधेयक सदन में पेश करेगी। इससे पहले सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
Uttarakhand Assembly Session to Begin on October 27 with ₹7,000 Crore Budget
गैरसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में शुरुआती दो दिनों का एजेंडा तय किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर शनिवार को हुई बैठक में सदन की कार्यवाही को लेकर चर्चा की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार, सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद अनुपूरक बजट और विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। करीब 7,000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के साथ आठ विधेयक पेश किए जाने का कार्यक्रम है।
क्या होता है अनुपूरक बजट?
अनुपूरक बजट वह अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान होता है, जिसे सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत बजट के अतिरिक्त खर्चों के लिए विधानसभा के सामने रखती है। इसके जरिए विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। गैरसैंण सत्र में पेश होने वाला करीब 7,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट राज्य सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, विभागवार आवंटन और बजट के विस्तृत प्रावधानों की जानकारी सदन में प्रस्तुत दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।
दूसरे दिन प्रश्नकाल और विधेयकों पर होगी चर्चा
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही पहले दिन प्रस्तुत किए गए अनुपूरक बजट और अन्य विधेयकों को स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने बताया कि सत्र के लिए 31 विधायकों की ओर से कुल 445 सवाल लगाए गए हैं। प्रश्नकाल के दौरान इन सवालों के माध्यम से विधायक विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी को दी जाएगी श्रद्धांजलि
सत्र के पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही आगे बढ़ेगी। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के लिए सदन में शोक प्रस्ताव और संबंधित कार्यवाही निर्धारित एजेंडे का हिस्सा होगी।
शांतिपूर्ण सत्र चलाने की अपील
कार्यक्रम तय होने के बाद विधानसभा में दलीय बैठक भी आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के प्रतिनिधियों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में चलाने में सहयोग करने की अपील की। बैठकों में संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा विधायक सहदेव पुंडीर और उमेश शर्मा काऊ तथा बसपा विधायक शहजाद उपस्थित रहे।
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक से कांग्रेस की दूरी
इस बार भी कांग्रेस ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगस्त 2025 में हुए विधानसभा सत्र के बाद से कांग्रेस इन बैठकों में शामिल नहीं हो रही है। गैरसैंण में होने वाले इस सत्र में अनुपूरक बजट, विधेयकों और विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर सभी की नजर रहेगी। सदन की कार्यवाही के दौरान राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।