चकराता विधानसभा क्षेत्र के वायरल ऑडियो मामले में बालक राम की शिकायत पर चमन सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह के खिलाफ त्यूणी थाने में FIR दर्ज की गई है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Vikasnagar Viral Audio Case FIR Filed Against Two Men
देहरादून: उत्तराखंड के चकराता विधानसभा क्षेत्र से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। त्यूणी निवासी बालक राम की शिकायत पर दोनों के विरुद्ध गाली-गलौज और आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Vikasnagar Viral Audio Case: FIR Filed Against Two Men
जानकारी के अनुसार, त्यूणी क्षेत्र के छुमरी निवासी बालक राम ने शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें फोन कॉल के जरिए उनकी दोनों बेटियों को कांग्रेस में शामिल कराने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस मामले में चकराता विधायक प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजपाल सिंह के खिलाफ त्यूणी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे पढ़िए..
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
SSP से मिले थे पीड़ित, मुख्यमंत्री ने भी की थी बातचीत
इससे पहले पीड़ित बालक राम ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और भाजपा के अन्य नेताओं के साथ एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल को प्रार्थनापत्र सौंपा था। पीड़ित ने मामले में कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी ने उन्हें नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया था। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी फोन कॉल के माध्यम से पीड़ित की बेटी से बातचीत की थी और मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
पुलिस ने शुरू की जांच
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और वायरल ऑडियो से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। बालक राम ऊर्जा निगम में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।