शहीद संदीप...माथे पर गोली लगने के बाद भी तीन आतंकी मारे..मां ने अर्थी उठाई, 5 साल के बेटे ने किया सैल्यूट

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का ये ही बाकी निशां होगा। लांस नायक संदीप हमारे बीच नहीं रहे लेकिन वीरता की इबारत लिखकर चले गए।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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sandeep singh: lance naik sandeep singh martyer
Image: lance naik sandeep singh martyer

: देश को ऐसे वीर जवानों पर गर्व है, जो अपनी जान की परवाह नही करते और परिवार से पहले अपने देश को रखते हैं। वीरता की ना जाने कितनी कहानियां देस के वीर सपूत लिख चुके हैं। हाल ही में कश्मीर के तंगधार में लांस नायक संदीप सिंह शहीद हो गए। संदीप सिंह वो ही वीर जवान हैं, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान आतंकियों के गढ़ में कोहराम मचा दिया था।हाल ही में तंगधार में आतंकियों ने फिर से घुसपैठ की। इन घुसपैठियों से लोहा लेते वक्त संदीप सिंह के माथे पर गोली लगी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। खुद पर लगी गोली और दर्द को एक तरफ रखकर उन्होंने 3 आतंकियों को मार गिराया। इसके बाद संदीप सिंह होश गंवा बैठे और जमीन पर गिर पड़े। शहीद संदीप सिंह अपनी पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं।

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शहीद संदीप सिंह का एक 5 साल का बेटा है। बेटे ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी। पांच साल का ये मासूम अपने पिता की शहादत को सलाम करते हुए कहता है कि ‘मेरे पापा बहुत अच्छे थे, इसलिए भगवान के पास गए हैं।’ बेटे की इन बातों को सुनकर हर किसी का दिल पसीज गया। संदीप की मां ने अपने बेटे की अर्थी को कंधा दिया तो, हजारों आंखें नम हो गई। जिस मां ने सपना देखा था कि उसका बेटा बुढ़ापे का सहारा बनेगा, उस मां पर क्या बीत रही होगी? संदीप की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पंजाब के संदीप सिंह साल 2007 में सेना में भर्ती हुए थे। इस उनकी ड्यूटी 4 पैरा उधमपुर में थी। इस बीच भारतीय सेना को घुसपैठ की खबर लगी तो संदीप सिंह को तंगधार भेजा गया। रविवार को ही एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ कर दी और भारतीय सेना से मुठभेड़ शुरू हो गई।

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घुसपैठ की सूचना पर उन्हें तंगधार भेजा गया था। बता दें कि रविवार को एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में संदीप सिंह घायल हो गए। उनके माथे पर गोली लगी और इसके बाद भी उन्होंने तीन आतंकियों को मार गिराया। जीवट हौसले वाले संदीप सिंह इसके बाद बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत ही श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान संदीप सिंह ने दम तोड़ दिया। अब कश्नीर के सोपोर में भारतीय सेना आतंकियों पर काल की तरह बरस रही है। सोपोर में दो आतंकियों को खात्मा कर दिया गया। शहीद संदीप को राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से शत शत नमन।