उत्तराखंड के पहले ज्ञानकुंभ में योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। ये ऐलान राम मंदिर को लेकर किया गया है।
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कपिल
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Image: Yogi adityanath on ram mandir
: अयोध्या राम मंदिर विवाद को दशकों बीत रहे हैं। मसला आज भी जस का तस है। विवाद इस बात पर है कि हिंदूओं की मान्यता के अनुसार अयोध्या की विवादित जमीन भगवान राम की जन्मभूमि है। दूसरे पक्ष के मुताबिक बाबरी मस्जिद भी विवादित स्थल पर स्थित है। उधर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद की सुनवाई अगले साल तक टाली गई है। इसके बाद से सियासी घमासान मचा हुआ है। राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद राम मंदिर के लिए सरकार से अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच उत्तराखंड के पहले ज्ञानकुंभ में योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। योगी इस ज्ञानकुंभ में आए और कहा कि वो 6 दिसंबर को अयोध्या जा रहे हैं। इस दिन राम मंदिर निर्माण के बारे में वो देश को एक खुशखबरी देंगे।
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हमसे राम का प्रमाण मांगा जाता है। हमने प्रमाण दिए फिर भी फैसला लेने में संकोच किया जा रहा है। इसका मतलब है अब जनता ही इस बात का फैसला करेगी’’। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि ‘6 नवम्बर को अयोध्या में दीपोत्सव होगा। इस बार ये दीपोत्सव मनाने साउथ कोरिया से भी दल आएगा’। योगी ने आगे कहा कि ‘हर भारतवासी एक दिया राम के नाम का जरूर जलाए। जिससे राम का काम आसान हो जाए’। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ बाबा रामदेव के बयान का समर्थन भी किया। बाबा रामदेव ने इसी ज्ञानकुंभ में कहा था कि ‘सुप्रीम कोर्ट से फैसला जब आये तब जाए, उससे पहले उत्तर प्रदेश के सभी सांसद एकजुट हो जाएं और एक निजी बिल लेकर आएं ताकि अयोध्या में राम मंदिर बने’।
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बाबा रामदेव ने आगे कहा कि ‘संसद में इस बात का विरोध हो सकता है, विपक्ष हो सकता है। लेकिन राम का कोई विपक्ष नहीं है’। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद की सुनवाई अगले साल तक के लिए टाली गई है। इस बीच, बीजेपी चीफ अमित शाह ने शुक्रवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की है। खबर है कि इस मुलाकात में राम मंदिर मुद्दे पर चर्चा हुई। संघ के मंदिर निर्माण पर सख्त रुख को देखकर इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत और अमित शाह के बीच बंद दरवाजे में ये बैठक हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान राम मंदिर और सबरीमाला मंदिर पर चर्चा हुई। विजयदशमी से एक दिन पहले संघ प्रमुख ने अपने भाषण में अयोध्या में मंदिर निर्माण का फिर से आह्वान किया था।