पहाड़ का दूल्हा, चीन की दुल्हन..ऋषिकेश में वैदिक परंपरा से हुआ शुभ विवाह

कहते हैं कि प्यार सरहदों को लांघ जाता है। ऐसा ही नज़ारा उत्तराखंड के ऋषिकेश में देखने को मिला, जहां दो अलग अलग मुल्कों के दूल्हा दुल्हन सात जन्मों के बंधन में बंध गए।
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उत्तराखंड: Wedding in rishikesh
Image: Wedding in rishikesh

: जाति, धर्म, सरहद, सीमा, बंधनों को जो लांघ जाए...उस भाव को प्रेम से परिभाषित किया गया है। उत्तराखंड में एक विवाह ऐसा भी हुआ है। चीन के संघाई शहर की लड़की ने ऋषिकेश में भारतीय लड़के से शादी की, तो हर किसी की नज़रें यहां टिक गईं। वैदिक परंपरा के साथ विवाह किया गया, दुल्हा-दुल्हन ने मंत्रोच्चारण के साथ सात फेरे लिए और जन्म जन्मांतर के लिए एक दूजे के हो गए। ऋषिकेश में गंगा का तट एक ऐसे ही विवाह का साक्षी बना।
विमल पांडेय ऋषिकश में बतौर योग शिक्षक काम करते है। वो मूल रूप से उत्तराखंड-नेपाल बॉर्डर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल उनका परिवार दिल्ली में रह रहा है। मुनिकीरेती स्थित योग निकेतन आश्रम में विमल कई सालों से योग शिक्षक का काम कर रहे हैं। इस योग संस्थान में ढाई साल पहले चीन के संघाई की रहने वाली लेन योग सीखने आई थीं।

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धीरे धीरे विमल और लेन के बीच बातें हुईं। बातों और मुलाकातों का दौर यूं ही चलता रहा और पता भी नहीं चला कि कब दोनों के बीच प्यार हो गया। योग सीखने के बाद लेन अपने देश वापस लौट गईं लेकिन दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती रहती थीं। इसी दौरान दोनों ने शादी करने का मन बना लिया। लेन ने अपने परिजनों को ये बात बताई तो उन्होंने कुछ वक्त बाद हामी भर दी। इसके बाद विमल पांडेय ने भी अपने परिजनों को ये बात बताईं, तो कुछ अड़चनों के बाद परिजनों ने भी हामी भर दी। फैसला हुआ कि ऋषिकेश में गंगा नदी के तट पर भारतीय वैदिक परंपरा से विवाह होगा। मुनिकीरेती स्थित योग निकेतन आश्रम में ये विवाह हुआ और दोनों ने एक-दूजे के गले में वरमाला डाली। विवाह समारोह के दौरान विमल पांडेय के पिता केदारनाथ पांडेय और मां यमकला पांडेय भी मौजूद थीं।

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इसके साथ ही रिश्तेदारों और परिवार के लोगों ने इस विवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। विवाह के इस पवित्र मौके पर चीन के संघाई से लेन के पिता हो शुंगनियन, मां लियू पिंग और उनके चचेरे भाई यहां पहुंचे थे। दिन में विवाह समारोह हुआ और रात को एक होटल में मेहमानों को प्रीतिभोज भी दिया गया।
आपको बता दें कि ऋषिकेश में हजारों की संख्या में विदेशी सैलानी योग सीखने आते हैं। इस दौरान कई वाकये ऐसे हो जाते हैं जब विदेश से आए सैलानियों और स्थानीय युवाओं में रिश्ते आगे बढ़ जाते हैं।