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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ...साल 2013 की आपदा का वो मंजर हर किसी को याद होगा। हर कोई जानता है कि उस दौरान हजारों लाशें केदार आपदा के दौरान जहां-तहां गिरी पड़ी थी। ना जाने कितने लोग काल के गाल में समा गए...कोई नहीं जानता। उस धरती पर अगर कुछ बचा था तो सिर्फ वो मंदिर, जो करोड़ों हिंदुओं के लिए आस्था का प्रतीक है। आपदा के बाद लोगों की आस्था इस धाम पर और भी ज्यादा बढ़ गई थी। वो भी एक चमत्कार ही था और उसके बाद भी चमत्कार ही हुआ। इतनी ऊंचाई पर फिर से मंदिर प्रांगण को तैयार करना, रास्ते तैयार करना, लोगों के लिए सहूलियत तैयार करना, घर तैयार करना..ये सारा काम सदियों में नहीं बल्कि महज 5 सालों में हुआ। धाम में हो रहे काम में तेजी आई है तो वहीं अब यहां हो रहे काम की तस्वीरें दुनियाभर में देखी जा सकेंगी। नेशनल जियोग्राफी चैनल केदारनाथ धाम में हो रहे पुनर्निर्माण काम पर डॉक्यूमेंट्री बनाएगा। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। नेशनल जियोग्राफिक चैनल केदारनाथ में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर लॉन्ग और शॉर्ट फिल्म बनाएगा। जिसके लिए चैनल को डेढ़ करोड़ का बजट देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। ये डॉक्यूमेंट्रीज पांच भाषाओं में तैयार होंगी।