गढ़वाल राइफल के सपूत को आखिरी सलाम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल...बंद रहा बाजार

गढ़वाल रािफल के जवान रोहित मैंदोली के अंतिम संस्कार में पूरा घाट बाजार बंद रहा। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। जय हिंद
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उत्तराखंड: Last goodbye to jawan Rohit
Image: Last goodbye to jawan Rohit

चमोली: वो सेना में भर्ती हुआ था, क्योंकि उसे अपने देश की रक्षा करनी थी और अपने परिवार के सपने पूरे करने थे। लेकिन वक्त से पहले ही वो सब कुछ छोड़कर चला गया। चमोली जिले के सैंती गांव के गढ़वाल राइफल्स के जवान रोहित मैंदोली का पैतृक घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान घाट बाजार भी दोपहर तक बंद रहा। रोहित कुछ वक्त पहे ही गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुआ था। 17 जनवपी को ही वो छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटा था। 22 साल के रोहित की आंखों में भी कई सपने थे लेकिन अब मां लीला देवी और बहन किरन का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि इन दिनों रोहित की तैनाती राजस्थान के बीकानेर में थी। फौज में प्रमोशन के लिए रोहित की परीक्षाएं चल रही थी। आगे पढ़िए उनकी कहानी...

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दो फरवरी को दोपहर में रोहित परीक्षा के लिए अपनी सीट देखने गए। खबर है कि उस दौरान वो वहां पर बेहश होकर गिर पड़े। मौके पर ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बाकी जवान रोहित को सेना अस्पताल ले गए और वहां भर्ती करा दिया। इस बीच प्राथमिक उपचार के दौरान रोहित ने दम तोड़ दिया। रोहित अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी एक बहन भी है और बताया जा रहा है कि बहन की तीन महीने पहले शादी हुई थी। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दो साल पहले ही रोहित लैंसडाउन में गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। अचानक घर के इकलौते चिराग के जाने से मां बेसुध पड़ी हैं। बहन को इस बात की खबर मिली, तो उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है। सेंती गांव में इस वक्त मातम का माहौल पसरा हुआ है। जब सपना पूरा होने की कगार पर था...तो घर का इकलौता चिराग चला गया। ऊं शांति