उत्तराखंड: खूंखार गुलदार ने युवक को मार डाला, अगले महीने होने वाली थी शादी

उत्तराखंड में मवेशी चरा रहे युवक को गुलदार ने मार डाला। पुलिस ने घटना की पुष्टी की है, लेकिन वन अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं।
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उत्तराखंड: Leopard killed a boy in uttrakhand
Image: Leopard killed a boy in uttrakhand

देहरादून: उत्तराखंड में इंसानों पर वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों में होने वाली इंसानी गतिविधियां भी इसकी बड़ी वजह हैं। ताजा मामला ऋषिकेश का है, जहां रायवाला में मवेशियों को चराने गए युवक पर गुलदार ने हमला कर उसे मार डाला। युवक की अगले महीने शादी होने वाली थी। युवक की मौत से घर में कोहराम मचा है। हैरत वाली बात ये है कि रेंज अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेने की बजाय, इसे दबाने में जुटे रहे। वो तो भला हो पुलिस का जिसने इस मामले की पुष्टी की, हालांकि पुलिस ने ये भी बताया कि युवक के परिजनों ने समुदाय विशेष का हवाला देकर शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। परिजन युवक के शव को गैंडीखाता हरिद्वार ले गए और शव को दफन कर दिया। 22 साल का युवक राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज के सत्यनारायण सेक्शन में मवेशियों को चराने गया था, इसी दौरान घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।

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युवक के साथ उसका छोटा भाई भी था, जो कि भाग कर घर गया और परिजनों को गुलदार के हमले की बात बताई। रात हो चुकी थी, इसलिए परिजन युवक को खोज नहीं पाए, सुबह जंगल में उसका क्षत-विक्षत शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और वनकर्मी मौके पर पहुंच गए और लाश को अपने कब्जे में ले लिया। परिजनों की आपत्ति पर पुलिस शव का पोस्टमार्टम नहीं कर सकी। हैरानी की बात ये है कि पुलिस ने इस घटना की पुष्टी की, लेकिन मोतीचूर रेंज के अधिकारियों ने इस तरह की घटना होने से साफ इनकार कर दिया। आपको बता दें कि राजाजी पार्क में मानवीय गतिविधियां प्रतिबंधित हैं, लेकिन मोतीचूर और कांसरो रेंज में वन गुर्जर अब भी रह रहे हैं। उन्हें हर दिन जंगल में मवेशी चराते देखा जा सकता है। पार्क के अधिकारी भी वन गुर्जरों की आवाजाही को रोक नहीं पा रहे हैं, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मामला सामने आने पर पार्क निदेशक ने जंगल में वन गुर्जरों की घुसपैठ को गंभीर मामला बताया, उन्होंने इसकी जांच करने की बात कही है।