उत्तराखंड में शुरू हुई बाबा बर्फानी की यात्रा, टिम्मरसैंण में दर्शन देंगे भोलेनाथ

चमोली के टिम्मरसैंण में बाबा बर्फानी आकार ले चुके हैं। 29 अप्रैल से बाबा बर्फानी की यात्रा शुरू हो जाएगी।
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पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

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Image: baba barfani timbersain uttarakhand

चमोली: बाबा अमरनाथ के दर्शनों के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की यात्रा करते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर की तरह अपने राज्य में भी बाबा बर्फानी विराजते हैं, और ऐसा हो भी क्यों ना....देवभूमि भगवान महादेव का प्रियस्थल जो है, कहने वाले तो ये तक कहते हैं कि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान भोलेनाथ बसते हैं। बाबा बर्फानी की ये गुफा चमोली जिले के नीती घाटी में स्थित है, यहां बाबा बर्फानी के मंदिर को टिम्मरसैंण महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। सोमवार 29 अप्रैल से बाबा बर्फानी के धाम के लिए यात्रा शुरू हो रही है। मंदिर समिति की तरफ से यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जो भी यात्री बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आएंगे, उनके रहने का भी पूरा इंतजाम किया गया है। यात्रियों के ठहरने के लिए नीती घाटी के आस-पास के गांवों में व्यवस्था की गई है। समिति के सदस्य इन गांवों में पहुंच चुके हैं और तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।

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टिम्मरसैंण में स्थित महादेव की गुफा में बर्फ का शिवलिंग पूर्ण आकार ले चुका है। यहां पर मुख्य शिवलिंग के अलावा बर्फ के कई शिवलिंग भी बने हुए हैं। नीती महादेव सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यात्रा की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को गमशाली और बांपा गांव में ठहराया जाएगा। इन दिनों मौसम साफ है, ऐसे में यात्री आसानी से टिम्मरसैंण पहुंच सकते हैं। सीमा सड़क संगठन ने नीती हाईवे पर जमी बर्फ को हटा दिया है। नीती पुल के साथ ही पैदल रास्ता भी दुरुस्त कर दिया गया है...तो अगर आप भी भगवान भोलेनाथ के भक्त हैं तो बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए उत्तराखंड चले आइए....मनोरम पर्वत श्रृंख्ला के बीच स्थित धाम पहुंचकर आपको जो शांति और आध्यात्मिक सुकून मिलेगा, उसके सामने आप अपनी सारी तकलीफें भूल जाएंगे। सरकार भी टिम्मरसैंण को पर्यटन मानचित्र पर लाने की कोशिश में जुटी हुई है।