नारायणबगड़ के पास बेकाबू टैंकर पिंडर नदी में जा गिरा, हादसे में ट्रैंकर के ड्राइवर और हेल्पर की दर्दनाक मौत हो गई।
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कोमल नेगी
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: Truck fall in pinder river in chamoli
चमोली: चमोली में सड़क निर्माण सामग्री से भरा टैंकर बेकाबू होकर नदी में जा गिरा, हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शव अपने कब्जे में ले लिए। हदासा कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां नारायणबगड़ के पास टैंकर बेकाबू होकर पिंडर नदी में जा गिरा। हादसे की खबर लोगों को उस वक्त मिली, जब वो तड़के टहलने के लिए निकले हुए थे, इसी दौरान ग्रामीणों ने देखा कि मौणाछिड़ा के पास पिंडर नदी में एक टैंकर गिरा हुआ है। ये देख ग्रामीणों ने मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन तब तक टैंकर में सवार दोनों लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर मृतकों के शव वाहन से बाहर निकाले। हादसा कितना दर्दनाक था इसका अंदाजा आप तस्वीरें देखकर लगा सकते हैं।
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मरने वालों की शिनाख्त 33 साल के मोहन सिंह और 28 साल के नितिन के रूप में हुई है। मोहन सिंह मथुरा का रहने वाला था, जबकि नितिन का परिवार गाजियाबाद में रहता है। मोहन और नितिन कर्णप्रयाग से कोलतार लेकर सीमा सड़क संगठन के मींग गदेरा स्थित हॉटमिक्स प्लॉट की तरफ जा रहे थे, इसी दौरान टैंकर बेकाबू होकर नदी में जा गिरा। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते दुर्घटना का पता चल जाता तो शायद घायलों को जल्द इलाज मिलता, जिससे उनकी जान बच जाती। लोगों ने कहा कि जिस जगह टैंकर का एक्सीडेंट हुआ, उस जगह पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस संबंध में सीमा सुरक्षा संगठन को कई बार पत्र लिखे गए, इसके बावजूद सड़क के चौड़ीकरण का काम नहीं हो सका। लोगों ने सड़क के चौड़ीकरण की मांग की, ताकि लगातार हो रहे हादसों को रोका जा सके।