डीएम दीपक रावत ने संभाला मोर्चा, मिट्टी चोरी करने वाले ठेकेदार पर गिरी गाज़

मिट्टी चोरी करने वाले ठेकेदार को डीएम दीपक रावत ने ना सिर्फ लताड़ा, बल्कि उसके खिलाफ मुकद्मा दर्ज कराने के भी आदेश दिए।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
उत्तराखंड: DM DEEPAK RAWAT ACTION AGINEST THEKEDAR IN HARIDWAR
Image: DM DEEPAK RAWAT ACTION AGINEST THEKEDAR IN HARIDWAR

हरिद्वार: उत्तराखंड का हर डीएम अगर हरिद्वार के डीएम दीपक रावत की तरह हो तो भ्रष्टाचार तो दूर कोई हमारी जमीन की मिट्टी तक नहीं चुरा सकता...जी हां हरिद्वार में सड़क की मिट्टी चोरी करने वाले ठेकेदार को डीएम दीपक रावत ने ऐसा सबक सिखाया है कि वो हमेशा याद रखेगा। उन्होंने हरिद्वार-लक्सर सड़क निर्माण के दौरान खुदाई में निकली मिट्टी, पास के तालाब में डालने वाले ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। यही नहीं उन्होंने खनन मानकों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार के खिलाफ पांच गुना पेनाल्टी लगाने को भी कहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर इस सड़क पर एक्सीडेंट के दौरान किसी की मौत होती है, तो मुकद्मा संबंधित ठेकेदार के खिलाफ दर्ज किया जाएगा। चलिए अब आपको बताते हैं कि पूरा मामला है क्या...दरअसल हरिद्वार के डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर चारधाम और आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर हरिद्वार-लक्सर रोड का निरीक्षण कर रहे थे।

यह भी पढें - डीएम दीपक रावत की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार में प्रदूषण फैलाने वाली 7 बड़ी फैक्ट्रियां सील
इसी दौरान उन्हें पता चला कि सड़क के किनारे की मिट्टी चोरी हुई है, मानकों के विरुद्ध जाकर सड़क किनारे की जमीन खोदकर उसकी मिट्टी निकाल ली गई, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। डीएम ने सड़क का काम पूरा ना होने पर भी नाराजगी जताई। डीएम ने ठेकेदार के खिलाफ धनपुरा के पास सड़क की खुदाई में निकली मिट्टी तालाब में डालने और ग्रामसभा तालाब भूमि पर अवैध कब्जा करने का मुकदमा दर्ज कराने का आदेश भी दिया। डीएम ने 15 दिन बाद फिर से लक्सर रोड का निरीक्षण करने की बात कही है। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए डीएम ने एसएसपी को ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 150 पीआरडी जवान और अतिरिक्त होमगार्ड तैनात करने का निर्देश दिए हैं। सड़क निर्माण के नाम पर मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए, सूबे का हर प्रशासनिक अधिकारी अगर इसी तरह चौकन्ना रहे, तो प्रदेश में भ्रष्टाचारी कभी पनप नहीं पाएंगे।