शाही शादी के वक्त जो औली दुल्हन सी सजी हुई थी, वो अब कचरे के ढेर से लदी है। जगह-जगह फैला सीवर का पानी देख आपको उबकाई आने लगेगी...
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कपिल
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प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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Image: auli after 200 crore wedding
चमोली: बदबू कभी महसूस की है आपने ? अगर ये महसूस करनी है, तो औली चले आइए...खूबसूरत वादियों के बीच दिलकश औली की बदबूदार हवाओं को अपने जेहन में बसा लीजिए...अहा...क्या सोचा था और क्या हो गया। टॉयलेट की सडांध नथुनों तक जाकर जहर भर देती है। जगह जगह फैली गंदगी अब पिछली औली की याद दिलाती है। दरअसल ये वो औली नहीं रही। 200 करोड़ की हाई प्रोफाइल शादी के बाद जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा है। गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी तो निपट गई, पर इस दौरान वहां जो गंदगी फैली है, उसने लोगों को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या राजस्व बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की प्रदेश को सचमुच जरूरत है। बॉलीवुड हस्तियां शादी में ठुमके लगाकर चली गईं, लेकिन इन मेहमानों के जाने के बाद पता चला कि ये मेहमान देवभूमि को किस कदर गंदगी के गर्त मे धकेल कर गए हैं। औली में टॉयलेट पिट भर गए हैं। इस गंदगी की निकासी नहीं हो पा रही, लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। पिट ओवरफ्लो हो गए हैं, ये गंदा पानी सड़कों पर फैला हुआ है। कुल मिलाकर इस वक्त औली जैसी हालत में है उसे देख किसी को भी उबकाई आ जाए।
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गुप्ता बंधु सफाई के लिए लाखों रुपये देकर गए हैं, इससे कूड़ा तो साफ हो जाएगा, लेकिन पर्यावरण को जो नुकसान पहुंचा है, और कचरे की वजह से लोग जिस कदर दिक्कत का सामना कर रहे हैं, उसका हिसाब कौन देगा। औली से हर दिन टनों कचरा निकाला जा रहा है, फिर भी ये कम होने का नाम नहीं ले रहा। हर जगह कचरा फैला है। शादी के बचा हुआ खाना खुले में फेंक दिया गया है, जिस पर जानवर मुंह मार रहे हैं। शादी के लिए औली में 36 अस्थाई टॉयलेट बनाए गए थे, इन्हें अब जेटिंग मशीन से साफ किया जा रहा है। कूड़े के निस्तारण के लिए गुप्ता बंधुओं ने नगर पालिका जोशीमठ को 5 लाख रुपये दिए हैं। अब तक कुल 5 लाख 54 हजार की धनराशि नगर पालिका को मिल चुकी है। औली में अभी तक 278 क्विंटल कूड़े का निस्तारण ट्रकों के जरिए किया जा चुका है। बुधवार को भी 18 क्विंटल कूड़ा इकट्ठा किया गया। 3 हजार मीटर की ऊंचाई पर गंदगी साफ करना कोई आसान काम नहीं हैं। औली को साफ करने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी दिन-रात सफाई में जुटे हैं। कूड़े के ढेर में ज्यादातर प्लास्टिक की बोतलें, पॉलिथीन लिफाफे, फूल और दूसरा सजावटी सामान था। प्रशासन ड्रोन की मदद से औली के पर्यावरण को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है, ये रिपोर्ट 8 जुलाई को हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।