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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: देवभूमि प्राचीन काल से ही आस्था और कौतुहल का मुख्य केन्द्र रही है। यहां कदम कदम कुछ ऐसे देवस्थान हैं, जहां की कहानियां आस्था को और भी ज्यादा मजबूत कर देती हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही सिद्धपीठ के बारे में बताने जा रहे हैं, जो वास्तव में रहस्यों का केन्द्र भी है। दरअसल ये एक ऐसा मंदिर है, जिसके बारे में मान्यताएं हैं यहां रात को गंधर्व और अप्सराएं नृत्य करती हैं। अब ये बात सच है या झूठ, लेकिन लोकमान्यताओं की भी अपनी एक जगह होती है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की चन्द्रबदनी पट्टी में मां भगवती का पौराणिक मन्दिर है। इसे चन्द्रबदनी के नाम से जाना जाता है। चन्द्रकूट पर्वत पर स्थित इस सिद्धपीठ को दुनिया प्रणाम करती है। ये चोटी बांज‚ बुरांस‚ काफल और देवदार वृक्षों से घिरी है। कहा जाता है कि पहले यहां पशुबली दी जाती थी। किन्तु कुछ समय पहले इसे बन्द कर दिया गया‚ जिसका श्रेय श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के स्वामी स्वo मनमथन को जाता है। अब यहां पर सात्विक विधि–विधान श्रीफल‚ छत्र‚ फल‚ पुष्प आदि द्वारा पूजा की जाती है। अब इस सिद्धपीठ की कहानी भी आपको बताते हैं। आगे पढ़िए