जय देवभूमि: इस बार केदारनाथ यात्रा में बना गजब का कीर्तिमान, इस आस्था को प्रणाम

24 सितंबर को केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या नए कीर्तिमान को पार कर गई
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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kedarnath dham: Nine lakh pilgrims reached kedarnath dham
Image: Nine lakh pilgrims reached kedarnath dham

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है। मंगलवार को केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 9 लाख के आंकड़े को पार कर गई, जो कि खुद में एक नया रिकॉर्ड है। 24 सितंबर तक 9 लाख 239 यात्री केदारनाथ की यात्रा कर चुके हैं। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा केदार के दर्शन करने आ रहे हैं, जो कि प्रदेश के पर्यटन और आर्थिकी के लिहाज से अच्छा संकेत है। साल 2013 में आई आपदा के बाद ये पहला मौका है, जबकि लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन करने आए। इन श्रद्धालुओं में देश के दूसरे राज्यों के साथ-साथ विदेश से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से देश-दुनिया में केदारनाथ की सुरक्षित यात्रा का संदेश पहुंचा है। मई में पीएम नरेंद्र मोदी भी बाबा केदार का आशीर्वाद लेने आए थे, कुछ दिन पहले आर्मी चीफ बिपिन रावत भी परिवार संग केदारनाथ की यात्रा पर आए थे।

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केदारनाथ यात्रा को सफल बनाने का क्रेडिट यहां के जिला प्रशासन को भी जाता है। खराब रास्तों से लेकर दूसरी तमाम दिक्कतों से निपटने में प्रशासन ने तत्परता से काम किया। अभी केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने में एक महीने का समय है। बरसात खत्म होते ही बंगाल और गुजरात के श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए रुद्रप्रयाग पहुंचने लगेंगे। केदारनाथ में मौसम साफ होते ही एक बार फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है। हर दिन लगभग चार हजार से ज्यादा यात्री बाबा केदार के दर्शन के लिए आ रहे हैं। पिछले यात्रा सीजन में करीब 7 लाख 32 हजार यात्री बाबा केदार के दर्शन करने आए थे, इस यात्रा सीजन में ये रिकॉर्ड कब का पीछे छूट गया है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने उम्मीद जताई कि मौसम खुशनुमा होने पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। देश-दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के जरिए सुरक्षित यात्रा का संदेश पहुंचा है। जो कि चारधाम यात्रा के लिए अच्छा संकेत है।