उत्तराखंड Cricket में रिश्वत का खेल शुरू, टीम में सलेक्शन के बदले मांगे 5 लाख रूपये!

उत्तराखंड के एक युवा क्रिकेटर के पिता ने क्रिकेटर्स को सेलेक्ट करने वाली संस्था के पदाधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है...पढ़ें पूरी खबर
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uttarakhand team selection: Fraud in uttarakhand team selection police files case
Image: Fraud in uttarakhand team selection police files case

हरिद्वार: उत्तराखंड के क्रिकेटर्स अपने खेल के दम पर आगे बढ़ रहे हैं। कई होनहार क्रिकेटर ऐसे हैं जो कि उत्तराखंड क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं, पर हाल ही में उत्तराखंड टीम सेलेक्शन को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने हर क्रिकेटर और क्रिकेट प्रेमी का दिल तोड़ दिया। क्रिकेटर्स का सेलेक्शन करने वाली संस्था पर युवा खिलाड़ियों से चयन के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। हरिद्वार के एक युवा क्रिकेटर के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को टीम में शामिल करने के एवज में 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। मामला अब हरिद्वार पुलिस के पास है, पुलिस मामले की जांच कर रही है। उत्तराखंड क्रिकेट को मान्यता मिले अभी कुछ ही वक्त हुआ है। पहली बार हमारा प्रदेश विजय हजारे ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, उत्तराखंड के क्रिकेटर्स शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेशवासी टीम की जीत का जश्न मना ही रहे थे कि तभी टीम सेलेक्शन के नाम पर घूसखोरी की खबर सामने आई। एक युवा क्रिकेटर के पिता ने कहा कि क्रिकेट से जुड़ी संस्था के एक पदाधिकारी ने विजय हजारे ट्रॉफी की स्टेट क्रिकेट टीम में सेलेक्शन कराने के नाम पर उनसे पांच लाख रुपये मांगे। पीड़ित का नाम राजकुमार चौहान हे, वो पथरी क्षेत्र के धारीवाला गांव के रहने वाले हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि बीते 27 अगस्त को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए ट्रायल हुए थे। ट्रायल के जरिए स्टेट टीम का सेलेक्शन होना था। ट्रायल के बाद उन्हें क्रिकेट से जुड़ी एक संस्था के पदाधिकारी का फोन आया, उन्हें बताया गया कि उनके बेटे का चयन हो गया है। उनके बेटे को देहरादून के राजीव गांधी स्टेडियम आने को कहा गया। जब बेटा वहां पहुंचा तो उसे वापस भेज दिया गया। उन्होंने आरोपी पदाधिकारी को फोन किया तो उसने कहा कि वो उनसे हरिद्वार में मिलेगा। हरिद्वार आने पर पदाधिकारी ने उनसे सीधे-सीधे कह दिया कि टीम में सेलेक्शन के लिए उनके बेटे को पांच लाख रुपये देने होंगे। ये मामला अब पुलिस के पास है। एसएसपी हरिद्वार मामले की जांच कर रहे हैं।
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