वन विभाग की रेंजर और कर्मचारी युवक को बेहोश होने तक पीटते रहे, उसके नाखून तक उखाड़ दिए, जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया....
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कोमल
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Image: Case registered against the ranger and employees of forest department
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां वन विभाग की रेंजर और कर्मचारियों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा। युवक का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की दरिंदगी 2 दिन तक चलती रही। ये लोग युवक पर तस्करी का आरोप मढ़ रहे थे। यही नहीं पिटाई करते वक्त वो युवक से बार-बार कहते रहे कि वो तस्करी का आरोप स्वीकार कर ले। युवक किसी तरह जान बचाकर वहां से भागा। युवक की शिकायत पर पट्टी पटवारी ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। युवक के शरीर पर मारपीट के गहरे घाव हैं। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। पीड़ित का नाम भास्कर बुदियाल है, वो पिथौरागढ़ की धारचूला पंचायत में आने वाले गांव बूंदी में रहता है।
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भास्कर ने वन विभाग की रेंजर तनुजा परिहार और अन्य कर्मचारियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। आईए अब पूरा मामला जानते हैं। घायल युवक ने बताया कि वो पंगूट इलाके में घूमने के लिए गया था, जहां उसे वन विभाग के कर्मचारियों ने पकड़ लिया। वनकर्मियों ने उसे 2 दिन तक कैद में रखा। इस दौरान उसे लगातार पीटा गया, उसके नाखून तक उखाड़ दिए गए। कर्मचारी उसे तब तक पीटते रहे, जब तक कि वो बेहोश नहीं हो गया। युवक का आरोप है कि वनकर्मी उससे तस्करी की बात कबूल करने को कह रहे थे। मारपीट के दौरान युवक को गालियां दी गईं, जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। आरोपियों ने उसे छोड़ने से पहले एक पेपर पर ये लिखवाया कि उसके साथ कोई मारपीट नहीं हुई। पांच हजार का जुर्माना भी काटा। वनकर्मियों से जान छुड़ाकर भागा युवक किसी तरह अपने गांव पहुंचा। जहां उसने पट्टी पटवारी से इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है।