एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल में छाया ‘पहाड़’, उत्तराखंड के शिक्षक ने जीता बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवॉर्ड

शिक्षक श्रीनिवास ओली की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘कोटिबनाल’ ने एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म का अवॉर्ड जीता...
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green film fest: Sriniwas oli got best documentary award in Asia’s biggest green film fest
Image: Sriniwas oli got best documentary award in Asia’s biggest green film fest

चम्पावत: पहाड़ के होनहार शिक्षक पूरी दुनिया में अपने हुनर का डंका बजा रहे हैं। ये शिक्षा की बदहाल तस्वीर को संवारने के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने का भी काम कर रहे हैं। इन्हीं शिक्षकों में से एक हैं श्रीनिवास ओली, जिन्होंने उत्तराखंड को गर्व करने का अवसर दिया है। पहाड़ के इस शिक्षक ने एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म का अवॉर्ड जीता। श्रीनिवास की बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘कोटीबनाल’ को दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया। डॉक्यूमेंट्री ‘कोटीबनाल’ एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल 'सीएमएस वातावरण इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल' में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड हासिल करने में सफल रही। ‘कोटिबनाल’ फिल्म को 'सेलिब्रेटिंग हिमालयाज़' कैटेगरी में अवॉर्ड मिला। ये डॉक्यूमेंट्री उत्तराखंड के परंपरागत भूकंपरोधी भवनों पर बेस्ड है। कोटीबनाल के जरिए पूरी दुनिया ने उत्तराखंड के परंपरागत वास्तु विज्ञान को जाना। इसे सराहा।

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चलिए अब आपको श्रीनिवास ओली के बारे में बताते हैं। नेपाल की सीमा से सटा एक जिला है चंपावत, श्रीनिवास इसी जिले में बतौर सहायक अध्यापक काम करते हैं। शिक्षक श्रीनिवास आईआईएमसी नई दिल्ली के पूर्व छात्र रह चुके हैं। कई सालों तक पत्रकारिता में सक्रिय रहे। फिलहाल प्राथमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बीते 27 से 30 नवंबर तक भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से नई दिल्ली में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया था। फेस्टिवल के लिए 1020 फिल्मों के आवदेन आए थे, जिनमें से सिर्फ 77 चुनिंदा फिल्में समारोह में दिखाई गईं। सेलिब्रेटिंग हिमालयाज कैटेगरी में 'कोटीबनाल' को बेस्ट फिल्म चुना गया। फिल्म के लिए श्रीनिवास ओली को 100000 रुपये का नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। उत्तराखंड में कोटीबनाल शैली के मकान आज भी वैज्ञानिकों के लिए पहेली बने हुए हैं। ये मकान कई छोटे-बड़े भूकंप झेलने के बाद भी सुरक्षित हैं। श्रीनिवास ओली की दो शॉर्ट फिल्म ‘घराट– रिवाइवल ऑफ वाटरमिल्स’ और ‘नौला-वाटर टेंपल ऑफ हिमालयाज़’ भी राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं। ऑस्कर में डॉक्यूमेंट्री सीरीज के लिए नॉमिनेटेड फिल्म 'मोती बाग' को स्पेशल जूरी मेंशन अवॉर्ड से नवाजा गया। ये डॉक्यूमेंट्री फिल्म कई अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर चुके डॉक्यूमेंट्री मेकर निर्मल चंद्र डंडरियाल ने बनाई है।