ऋषिकेश में होगी भव्य गंगा आरती, लोकसभा अध्यक्ष समेत 21 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष आएंगे

19 दिसंबर को ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट भव्य आयोजन का गवाह बनेगा, गंगा आरती में लोकसभा अध्यक्ष सहित अलग-अलग राज्यों के पीठासीन अधिकारी हिस्सा लेंगे...
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हरिद्वार: तीर्थनगरी ऋषिकेश...इस जगह ने दुनिया को योग का महत्व बताया, आध्यात्म का रास्ता दिखाया, तभी तो इसे योग नगरी के नाम से भी जाना जाता है। योग नगरी ऋषिकेश 19 दिसंबर को भव्य आयोजन का गवाह बनेगा। एक दिन के लिए तीर्थनगरी के त्रिवेणी घाट का स्वरूप बदल जाएगा। इस दिन त्रिवेणी घाट में हमेशा की तरह सांध्यकालीन गंगा आरती होगी, पर खास बात ये है कि इसमें देश-राज्य की मशहूर हस्तियां हिस्सा लेंगी। गंगा आरती में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ ही राज्यसभा के उपसभापति, अलग-अलग राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, पांच राज्यों के विधान परिषद के सभापति और 27 राज्यों के विधानसभा उपाध्यक्ष हिस्सा लेंगे। इसके अलावा 2 राज्यों के विधान परिषद के उप सभापति और 25 राज्यों के विधानसभा सचिव भी सांध्यकालीन आरती में हिस्सा लेने के लिए ऋषिकेश आएंगे। मेहमान इतने खास हैं तो जाहिर है उनके स्वागत के इंतजाम भी खास होंगे। वीवीआईपी मेहमानों के स्वागत के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं, चलिए बताते हैं।

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मेहमानों का स्वगात रेड कॉर्पेट पर होगा। पीठासीन अधिकारियों के लिए पार्किंग से लेकर आरती स्थल तक रेड कॉर्पेट बिछाया जाएगा। कॉर्पेट के तोनों तरफ संस्कृत विद्यालयों के ऋषिकुमार वैदिक मंत्रोच्चार और स्वास्तिक मंत्र के साथ मेहमानों का स्वागत करेंगे। शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। जिसमें गायक पवन गोदियाल और कविता गोदियाल भजनों की प्रस्तुति देंगे। योगाचार्य लक्ष्मी नारायण जोशी और उनकी टीम लोगों को योग का महत्व बताएगी, योग की प्रस्तुति भी दी जाएगी। कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को उत्तराखंडी संस्कृति को जानने का मौका मिलेगा। उनका स्वागत उत्तराखंड के पारंपरिक लोकगीतों, लोकवाद्यों के साथ होगा। दावत में उत्तराखंडी पहाड़ी भोज का इंतजाम भी किया गया है। खाने में मंडुवे की रोटी, तिल की चटनी, गहथ का फाणु, चैंसू और मीठे में झंगोरे की खीर और अरसे परोसे जाएंगे। समारोह के लिए त्रिवेंणी घाट को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। 19 दिसंबर की शाम त्रिवेणी घाट लाइट्स से जगमगाता नजर आएगा। तीर्थनगरी में ये अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, इसीलिए प्रशासन कार्यक्रम को भव्य रूप देने की तैयारी में जुटा है।