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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: आसमान से झर-झर गिरती बर्फ, खून जमा देने वाली ठंड और पगडंडी पर पैदल चलती बारात...ये नजारा है उत्तरकाशी के सीमांत गोकुल गांव का, जहां जीवनसंगीनी का हाथ थामने के लिए दूल्हे ने बैरी मौसम की भी परवाह नहीं की। भारी बर्फबारी के बीच गोकुल गांव का दूल्हा बारात संग पैदल चलकर पिलंग गांव पहुंचा, जहां बर्फबारी के बीच ही शादी की रस्में निभाई गईं। उत्तरकाशी में हुए इस विवाह समारोह की खूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देख आपका दिल भी खुश हो जाएगा। ऐसे नजारे सिर्फ देवभूमि में ही देखने को मिल सकते हैं। जीवनसाथी संग जीवन का सफर साथ मिलकर तय करना होता है, चाहे खुशी हो या फिर गम के पल, हर हाल में एक-दूसरे का साथ निभाना होता है। दूल्हे कालूचरण ने भारी बर्फबारी के बीच दुल्हन के लिए 12 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर ये साबित कर दिया, कि वो जीवन के हर संघर्ष में खरे उतरेंगे।