उत्तराखंड में बिना मान्यता के चल रहे 75 स्कूल, शिक्षा विभाग करेगा कार्रवाई

विभाग को बिना मानकों के चल रहे स्कूलों के खिलाफ एक्शन लेने की याद तब आई, जब टिहरी में स्कूल वैन हादसे में 9 मासूमों की जान चली गई...
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Education department: Notice to 75 schools running without recognition
Image: Notice to 75 schools running without recognition

देहरादून: शिक्षा अब मिशन कम धंधा ज्यादा बन गया है। धंधा मुनाफे वाला है, इसीलिए स्कूल खोलते वक्त स्कूल संचालक मान्यता लेने, मानकों को पूरा करने तक की जहमत नहीं उठाते। अपने प्रदेश में ऐसे 75 निजी स्कूल हैं जो कि बिना मान्यता के चल रहे हैं। ये सभी स्कूल शिक्षा विभाग के रडार पर हैं। विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इसकी शुरुआत भी हो गई है। फिलहाल विभाग ने इन सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया है। जिन स्कूलों के पास मान्यता नहीं होगी, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। कानूनी कार्रवाई भी होगी। फिलहाल विभाग इन स्कूलों की जांच कर रहा है और देख रहा है कि इन्होंने मान्यता के लिये आवेदन किया है या नहीं। बता दें कि अपर निदेशक ने बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

यह भी पढ़ें - स्कीइंग के शौकीनों के लिए अच्छी खबर, औली में होगी नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप
निर्देश मिलने के बाद जांच की गई तो पता चला कि प्रदेश में 75 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। वैसे स्कूलों की मान्यता और दूसरे मानकों संबंधी जांच पहले ही हो जानी चाहिए थी, पर ऐसा करने की याद विभाग को तब आई, जब टिहरी में एक स्कूल वाहन हादसे में 9 बच्चों की मौत हो गई। बता दें कि टिहरी में इसी साल प्राइवेट स्कूल का वाहन गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें 9 मासूमों की जान चली गई। जांच में पता चला कि निजी स्कूल मानकों की अनदेखी कर रहा था। यही अनदेखी 9 बच्चों की जान पर भारी पड़ी। हादसे के बाद विभाग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। शिक्षा निदेशक आर के कुंवर ने कहा कि फिलहला हम ये चेक कर रहे हैं कि स्कूल ने मान्यता के लिए आवेदन किया है या नहीं। जो स्कूल बिना मानकों के चलते पाये जाएंगे। उनके प्रबंधकों से 1 लाख रुपये तक बतौर जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी होगी।