साल 2013 में आई आपदा में सैकड़ों परिवारों की तरह एक परिवार ने भी अपने पिता को खो दिया था...
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कोमल
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Image: After six year old man met his family
चमोली: चमत्कार की कहानियां हम सबको अच्छी लगती हैं। ये कहानियां हमें उम्मीद देती हैं, हौसला देती हैं और जब ये सच होती हैं तो ईश्वरीय शक्ति पर विश्वास और भी मजबूत हो जाता है। ऐसे ही एक चमत्कार के साक्षी बने 35 साल के शकील अहमद, जिन्हें नये साल ने ऐसा शानदार तोहफा दिया, जिसे वो ताउम्र याद रखेंगे। छह साल पहले आई केदारनाथ आपदा ने शकील को उनके पिता से जुदा कर दिया था। इन छह सालों में बहुत कुछ बदला। पिता को याद कर-कर के शकील और उनके भाई-बहन कई बार रोये। ऐसे मुश्किल वक्त में ऑपरेशन स्माइल इस परिवार का सहारा बना और छह साल बाद उनके पिता आखिरकार लौट आए। चमोली के गोपेश्वर में पिता-बेटा जब एक दूसरे से मिले तो उनके चेहरों की खुशी देख वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम हो उठी। बात साल 2013 की है, इस साल आई आपदा में सैकड़ों परिवारों की तरह शकील ने भी अपने पिता को खो दिया था। शकील के पिता जमील ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में रहते थे। छह साल पहले वो मजदूरी के लिए जोशीमठ आये थे। यात्रा सीजन में मजदूरी कर के ही वो अपना परिवार चलाते थे।
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साल 2013 में वो लामबगड़ में मजदूरी करने लगे। इसी दौरान सैलाब आया और जमील को अपने साथ बहाता ले गया। इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, उन्हें कुछ याद नहीं। पिछले कई सालों से वो गोपेश्वर के वृद्धाश्रम में रह रहे थे। ऑपरेशन स्माइल टीम के प्रभारी उप निरीक्षक नितिन बिष्ट बुजुर्ग से मिले तो वो सिर्फ यही बता पाये कि वो सितारगंज के रहने वाले हैं। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, घर का पता भी उन्हें याद नही था। नितिन बुजुर्ग को किसी तरह उसके परिवार से मिलाना चाहते थे। बीते 24 दिसंबर को उन्होंने एक कांस्टेबल को सितारगंज भेजा, ताकि बुजुर्ग के परिवार के बारे में पता चल सके। जमील का फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। मेहनत रंग लाई और आखिरकार बुजुर्ग जमील के परिजन मिल गए। बुधवार को जमील के बड़े बेटे शकील और पत्नी मोबिन गोपेश्वर पहुंची। जमील को अपने सामने देख उनकी आंखें खुशी से भर गई। पत्नी मोबिन ने बताया की बीते छह साल में उन्होंने शकील और दोनों बेटियों की शादी करा दी है। शकील फर्नीचर का काम करते हैं। शकील ने ऑपरेशन स्माइल की टीम का आभार जताया और कहा कि टीम ने उन्हें नये साल पर ऐसा तोहफा दिया है, जिसे वो ताउम्र याद रखेंगे।