पहाड़ की सुमन रावत..सरकारी नौकरी की तैयारी छोड़ी, मशरूम से बदल दी जिंदगी

सुमन रावत को दिव्या रावत का साथ मिला और जिंदगी नई दिशा की तरफ मुड़ गई। पढ़िए सफलता की एक शानदार कहानी...साभार-दिव्या रावत
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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उत्तराखंड न्यूज: Story of suman rawat
Image: Story of suman rawat

चमोली: कुछ कहानियां अच्छी लगती हैं और राज्य समीक्षा की कोशिश रहती है कि ऐसी अच्छी और सच्ची कहानियों को आपके बीच ला सकें। ये कहानी हमें मशरूम गर्ल दिव्या रावत के फेसबुक पेज से मिली है। आज बात करते हैं सुमन रावत की...सुमन रावत कोट कंडारा गाँव चमोली गढ़वाल से है। मशरूम गर्ल दिव्या रावत लिखती हैं कि ‘‘मैं गांव के रिश्ते में सुमन रावत की बूढ़ी यानि दादी लगती हूँ जबकि हम दोनों हमउम्र हैं।सुमन रावत ने बी एड की पढ़ाई की है और घरवालों के कहने के अनुसार सिर्फ सरकारी नौकरी की तैयारियों में ही लगी रहती थी।परिवार में बेटियों को कम नहीं आंकना चाहिए क्योंकि बेटियां बेटों से किसी भी सूरत में कम नहीं हैं। समाज व परिवार को अपनी मानसिकता में बदलाव लाना चाहिए और लड़कियों को पढ़ाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने व काम करने का मौका देना चाहिए। आज सुमन दिव्या रावत के साथ मशरूम के काम से जुड़ी है और बहुत ही अच्छी तरह से पूरे हिंदुस्तान से आए लोगों को प्रशिक्षण देती हैं। दिव्या रावत कहती हैं कि ‘‘अगर दिल में कुछ करने का जज़्बा हो तो कोई भी मुश्किल हमारा रास्ता नहीं रोक सकती !! हमारे पास सुविधायें सीमित हैं ऐसे में ख़ुद को आत्मनिर्भर बनाकर दूसरों को भी रोज़गार देना और स्वरोज़गार के लिए तैयार करना हमारा लक्ष्य है।’’
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