काश किसी ने यशवंत को गले लगाकर, प्यार से उसकी परेशानी पूछी होती, ऐसा होता तो वो आज जिंदगी की जंग ना लड़ रहा होता...
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कोमल नेगी
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Image: iit roorkee student woman ate poison
रुड़की: आईआईटी यानि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी...हर छात्र का सपना होता है कि वो इस संस्थान में दाखिला ले। हर साल लाखों छात्र एंट्रेस एग्जॉम देते हैं, पर सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। जिन्हें एडमिशन मिल जाता है वो छात्र भी पढ़ाई के दबाव और परिजनों की महत्वाकांक्षाओं के बोझ तले इतने दबे होते हैं, कि अपनी जिंदगी जीना ही भूल जाते हैं। यही मानसिक तनाव छात्रों की खुदकुशी की वजह बनता है। रुड़की आईआईटी में पढ़ने वाला यशवंत बी भी इसी तनाव से जूझ रहा था। काश किसी ने समय रहते उसे गले लगाकर, प्यार से उसकी परेशानी पूछी होती, ऐसा होता तो यशवंत आज अस्पताल में जिंदगी की जंग ना लड़ रहा होता, पर अफसोस कि ऐसा हो नहीं सका। शनिवार सुबह उसने खुदकुशी की कोशिश की। यशवंत आईआईटी में एमटेक सेकेंड ईयर का छात्र है। उसका परिवार कर्नाटक के मैसूर में रहता है।
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शनिवार को सुबह सात बजे यशवंत हॉस्टल के कमरे में बेसुध पड़ा था। छात्रों ने इसकी सूचना सुरक्षाकर्मियों को दी। यशवंत ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। सुरक्षाकर्मी उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें लिखा है कि वो अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रहा है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। पुलिस को कमरे से कुछ दवाईयां भी मिलीं। जांच में पता चला कि यशवंत के परिजन पांच दिन पहले ही उससे मिलने के लिए रुड़की आए थे। परिवारवालों से मिलकर वो बेहद खुश था। उनके साथ बाहर घूमने भी गया। एक-दो दिन बाद परिजन लौट गए। उनके जाने के कुछ ही दिनों बाद यशवंत ने जान देने की कोशिश की। यशवंत ने ऐसा क्यों किया, फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है। पुलिस छात्र के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है।