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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: गढ़वाल राइफल के लापता जवान राजेन्द्र सिंह की सलामती के लिए पूरा उत्तराखंड दुआएँ मांग रहा है। इस बीच हर तरह से उस जांबाज की वतन वापसी की कोशिशें हो रही हैं। जवान राजेंद्र सिंह के परिजनों ने उत्तराखँड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वो केंद्र सरकार से इस बारे में बात करेंगे।राजेंद्र के पिता ने केंद्र सरकार से बात कर उचित कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वो इस बारे में रक्षा मंत्री के साथ ही सेना के उच्चाधिकारियों से बातचीत करेंगे। उधर मसूरी विधायक गणेश जोशी ने इस बारे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत से से बात की है। उन्होने कहा है कि जल्द ही कोई शुभ समाचर मिलेगा। जवान राजेंद्र सिंह नेगी गढ़वाल राइफल्स में हैं। वो बीते अक्टूबर में एक महीने की छुट्टी लेकर देहरादून आए थे। राजेंद्र सिंह नेगी का परिवार अंबीवाला सैनिक कॉलोनी में रहता है। नवंबर में उन्होंने एक बार फिर ड्यूटी ज्वाइन की। उनकी तैनाती कश्मीर के गुलमर्ग में थी। बीती 8 जनवरी को उनकी पत्नी राजेश्वरी को एक फोन आया, जिसमें यूनिट के अधिकारियों ने बताया कि हवलदार राजेंद्र सिंह लापता हैं। वो बर्फ में फिसलते हुए पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हो गए थे। जब से राजेंद्र लापता हुए हैं, उनके परिजनों का बुरा हाल है। मां के आंसू नहीं थम रहे। वो घर पर आने-जाने वाले हर शख्स से बेटे को वापस लौटा लाने की गुहार लगाती दिखती हैं। यही हाल राजेंद्र की पत्नी और बच्चों का भी है। परिवार अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है। राजेंद्र के भाई कुंदन सिंह ने कहा कि अब उनकी उम्मीद सिर्फ भारत सरकार पर ही टिकी है, सरकार को इस मामले में दखल देना चाहिए। उनके भाई की सकुशल रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।