उत्तराखंड: अंगीठी के धुंए से मां-बेटे की मौत, परिवार की खुशियों पर लगा ग्रहण

राजू ने ठंड से बचाव के लिए घर में अंगीठी जलाई थी, पर इस अंगीठी की आंच में उसकी खुशियां जल गईं...
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
अंगीठी से मां-बेटे की मौत: Mother and son killed due to angithi gas suffocation
Image: Mother and son killed due to angithi gas suffocation

नैनीताल: पहाड़ में इस वक्त कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड से बचाव के लिए लोग अंगीठी का सहारा लेते हैं, पर अगर इस दौरान सावधानी ना बरती जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है, लोगों की जान जा सकती है। नैनीताल शहर में भी ऐसा ही हुआ। जहां घर में जली अंगीठी ने 22 साल की सारिका और उसके 2 साल के नन्हे बेटे अंश की जान ले ली। मां-बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। बच्चे के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। एक रात में उसकी पूरी जिंदगी तबाह हो गई। ये दुखद हादसा गेठिया पड़ाव में हुआ। जहां राजेंद्र उर्फ राजू अपनी पत्नी सारिका और दो साल के बेटे अंश के साथ रहता था। राजू मूलरूप से ऊधमसिंहनगर जिले के दिनेशपुर का रहने वाला था। वो एक व्यावसायिक भवन में चौकीदारी का काम करता था। पिछले चार महीने से राजू का परिवार गेठिया पड़ाव में रह रहा था।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: मारा गया आदमखोर गुलदार, लोगों ने ली चैन की सांस
शनिवार को राजू का परिवार कमरे में सोया हुआ था। रविवार सुबह राजू की नींद खुली तो उसने देखा कि पत्नी सारिका और दो साल का बेटा अंश अचेत हैं। वो उठे ही नहीं। राजू घबरा गया। उसने स्थानीय लोगों से मदद मांगी। सारिका और अंश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक राजू का परिवार घर में कोयले की अंगीठी जलाकर सोया था। कोयले की गैस की वजह से ही राजू की पत्नी और बेटे की मौत हो गई। हादसे के दौरान राजू का पांच साल का बेटा उसके पास नहीं था, उसे उन्होंने पैतृक घर में छोड़ा था। जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।