उत्तराखंड: धर्मनगरी में दरिंदे बाबा ने 6 वर्षीय मासूम के साथ किया दुष्कर्म, अब जेल में कटेगी पूरी जिंदगी

हरिद्वार में 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने एक लाख रुपये जुर्माना और पीड़िता को 7 लाख रुपये सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
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Haridwar Crime News: Life imprisonment for accused of raping a 6-year-old innocent
Image: Life imprisonment for accused of raping a 6-year-old innocent

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में छह वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) लक्ष्मण सिंह ने आरोपी सीताराम उर्फ रामदास को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

Life imprisonment for the accused of raping a 6-year-old innocent

अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 9 फरवरी 2024 को हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में हुई थी। उस दिन एक छह वर्षीय बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। परिजनों के अनुसार बच्ची ने बताया कि खेलते समय एक व्यक्ति उसे बहाने से अपनी कुटिया में ले गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किया गया। घटना के बाद बच्ची डरी और सहमी हुई अवस्था में घर पहुंची थी।

शिकायत के बाद हुई तत्काल कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और पीड़ित पक्ष की शिकायत पर संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की। बाद में जांच पूरी होने पर आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। न्यायालय ने सभी तथ्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा सुनाई।

उम्रकैद के साथ लगाया जुर्माना

अदालत ने दोषी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। आदेश के अनुसार यदि जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो दोषी को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

पीड़िता को 7 लाख रुपये की सहायता

विशेष अदालत ने पीड़ित बच्ची के पुनर्वास और सहायता को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पीड़िता को मानसिक, शैक्षिक और शारीरिक पुनर्वास के लिए सात लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश संबंधित प्रशासनिक और विधिक संस्थाओं को भेजे गए हैं।

बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश देता है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच, प्रभावी अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सकता है।